मास्टर साहब कभी आते हैं कभी नहीं, विभाग मौन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Feb 2018 4:41 AM
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बच्चों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ सारठ बाजार : विभाग की लापरवाही के कारण स्कूली बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. शुक्रवार को अंचल क्षेत्र के लगवां संकुल के उप्रावि पिठालापुर में ताला बंद रहा. बच्चे स्कूल आये लेकिन शिक्षक नहीं आये, जिससे बच्चे वापस घर चले गये. यहां […]
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बच्चों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ
सारठ बाजार : विभाग की लापरवाही के कारण स्कूली बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. शुक्रवार को अंचल क्षेत्र के लगवां संकुल के उप्रावि पिठालापुर में ताला बंद रहा. बच्चे स्कूल आये लेकिन शिक्षक नहीं आये, जिससे बच्चे वापस घर चले गये. यहां 46 बच्चे नामांकित हैं. बच्चों के पठन-पाठन के लिए एक शिक्षक सुरेश रवानी कार्यरत हैं.
करीब 12 बजे मास्टर साहब नहीं आने पर वापस घर चले गए. ग्रामीणों ने कहा कि मास्टर साहब कभी आते हैं कभी नहीं भी आते हैं. रसोइया उर्मिला देवी ने पूछने पर बताया कि मास्टर साहब कार्यालय के काम से बाहर गये हैं. वहीं रसोइया ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि तीन वर्ष से हमारा मानदेय नहीं मिला है. कई बार बीआरसी कार्यालय में इसकी शिकायत कर चुके हैं.
उप्रावि दनरबाद में शिक्षक पहुंचे तो बच्चे नहीं, झगड़े के कारण एमडीएम बंद
इधर, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दनरबाद में शिक्षक 11ः30 बजे स्कूल पहुंचे. लेकिन बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे. विद्यालय में 36 बच्चे नामांकित हैं. बच्चों के पठन-पाठन के लिए एक शिक्षक कार्यरत हैं. लेकिन सचिव की कार्यशैली से नाराज बच्चे स्कूल नहीं आते हैं. सचिव व विप्रस के झगड़े के कारण स्कूल में नवंबर 2017 से ही स्कूल में एमडीएम बंद है.
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक की मनमानी के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं. शिक्षक अपनी मर्जी से विद्यालय आते-जाते हैं. यहां स्कूल खुलने और बंद होने की कोई समय सीमा नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार बीआरसी कार्यालय में लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई हुई नहीं. इसलिए कोई सुधार हुआ नहीं है.
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