दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाते दिखेंगे खेसारी लाल

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देवघर: सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ इन दिनों हिंदी के साथ-साथ भोजपुरी फिल्में भी बन रही है. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दहेज प्रथा के खिलाफ शराबबंदी की तर्ज पर अभियान चला रहे हैं. इन दिनों पर्दे की दुनिया में भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव अपने अगली फिल्म राजा जानी में दहेज प्रथा के खिलाफ […]

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देवघर: सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ इन दिनों हिंदी के साथ-साथ भोजपुरी फिल्में भी बन रही है. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दहेज प्रथा के खिलाफ शराबबंदी की तर्ज पर अभियान चला रहे हैं. इन दिनों पर्दे की दुनिया में भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव अपने अगली फिल्म राजा जानी में दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाते दिखेंगे. राजा जानी फिल्म की शूटिंग रिखिया स्थित अभिषेक आनंद झा की कोठी में चल रही है. इस फिल्म में भोजपुरी की अदाकारा प्रीति विश्वास खेसारी के साथ काम कर रही हैं.

प्रीति किस प्रकार सौतेलापन से प्रताड़ित रहती है व दहेज प्रथा के खिलाफ खेसारी के साथ मिल कर लड़ती हैं, इस फिल्म में दर्शाया जायेगा. इस फिल्म में हास्य कलाकार आनंद मोहन खेसारी के मामा हैं. खेसारी ने कहा कि यह फिल्म भोजपुरी फिल्मों की कहानियों में अब तक की सबसे टॉप साबित होगी. समाज की कुरीतियों पर इस फिल्म के जरिये प्रहार किया गया है. उन्होंने कहा कि बाबा नगरी से मैंने अपने करियर की शुरुआत की है, जब भी बाबा नगरी की धरती पर आते हैं तो एक भक्त की तरह ही आते हैं. मेरी पहचान बाबा नगरी के कांवर गीत…पिया ड्राइवर हो…से हुई है.

पद्मावती केवल एक फिल्म
खेसारी ने कहा कि पद्मावती केवल एक फिल्म है. संजय लीला भंसाली, रणवीर सिंह व दीपिका पादुकोण ने इस फिल्म को पब्लिक के मनोरंजन के लिए एक वर्ष तक मेहनत कर तैयार की होगी, ऐसी स्थिति में कलाकारों को धमकी देना उचित नहीं है. पब्लिक केवल मनोरंजन के लिए फिल्म देखेगी, इसे बेवजह तूल देना ठीक नहीं है.
बचपना मेरी अदाकारी
खेसारी ने कहा कि परदे के पीछे व परदे के बाहर बचपना उनकी खासियत है. जिस दिन बचपना मेरी अदाकारी से खत्म हो जायेगी, उस दिन से अदाकारी भी खत्म हो जायेगी. उन्होंने कहा कि मैंने केवल प्रयास किया व माता-पिता के आशीर्वाद से मुकाम हासिल किया है. कोई भी सफलता के परिजनों का विश्वास पहले जीतना होगा व उसके बाद आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं.
सरकार का भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्रीज पर ध्यान नहीं
उन्हाेंने कहा कि बिहार की सरकार एक पेड़ की तरह है, जिसमें बंदर कब कौन डाल पर बैठेगा कहना मुश्किल है. बिहार व झारखंड में सरकार भोजपुरी व क्षेत्रीय फिल्मों को प्रोत्साहित करने में ध्यान नहीं देती है. सामाजिक कुप्रथा पर बनने वाली फिल्मों भी सरकार से कोई अनुदान नहीं मिलती है. खेसारी ने कहा कि उनकी अगली फिल्म दुल्हिन गंगा पार के…में उनकी सात वर्षीय बेटी का अभिनय है.
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