डीएसपी, मजिस्ट्रेट को 12 घंटे तक बनाये रखा बंधक
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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साहिबगंज : असम के आदिवासी युवक जॉनसन बुधराय हेंब्रम की संदेहास्पद मौत (जो बाद में हत्या का मामला बना) मामले में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गये आरोपितों को थाने से छोड़ देने पर रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आराेपितों की दोबारा गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के बड़ा पांगडो गांव […]
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साहिबगंज : असम के आदिवासी युवक जॉनसन बुधराय हेंब्रम की संदेहास्पद मौत (जो बाद में हत्या का मामला बना) मामले में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गये आरोपितों को थाने से छोड़ देने पर रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आराेपितों की दोबारा गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के बड़ा पांगडो गांव में रविवार की देर शाम गश्ती में गये दो एएसआइ मोहनलाल टुडू एवं अनुपलाल यादव व पुलिस जवानों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया.
बाद में सूचना पाकर पहुंचे डीएसपी ललन प्रसाद व मजिस्ट्रेट भागीरथ महतो को भी ग्रामीणों ने रातभर बंधक बनाये रखा. बंधक बनाये जाने की सूचना पर नगर इंस्पेक्टर सुनील टोपनो, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह मौके पर पहुंचे. लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने.
थाने से छोड़ने पर पुलिस के खिलाफ था गुस्सा : मिली जानकारी के अनुसार, पांगडो गांव में छह माह पूर्व मृतक जॉनसन बुधराय हेंब्रम ने होपना मुर्मू व मानको हांसदा की पुत्री होपनमय मुर्मू के साथ से प्रेम विवाह किया था. जॉनसन की दो सितंबर की मौत हो गयी थी. गांव के लोगों ने धार्मिक रीति-रिवाज से शव को दफना दिया था. उसी मामले में असम से मृत जॉनसन के पिता ने उनकी पत्नी होपनमय मुर्मू सहित अन्य परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया. दूसरी गांव के लोगों ने जॉनसन बुधराय हेंब्रम की हत्या की बात कह कर सभी आरोपितों को पुलिस के हवाला कर दिया था, लेकिन पुलिस ने सभी आरोपितों को छोड़ दिया. जिसको लेकर मृतक जॉनसन के परिजनों के साथ गांववालों ने मिल कर पुलिस के खिलाफ मोरचा खोल दिया और गश्ती में गये पुलिस समेत डीएसपी को भी बंधक बना लिया गया.
जब तक अपराधी नहीं पकड़े जाते, डीएसपी को नहीं छोड़ेंगे : गश्ती दल को बंधक बनाये जाने की सूचना पर देर शाम एसपी के निर्देश पर सदर डीएसपी ललन प्रसाद व बोरियो थाना के एएसआइ मनोज सिंह रात्रि 11:30 बजे गांव पहुंचे. गुस्साये ग्रामीण अपराधी को पकड़ने की मांग कर रहे थे. इसके बाद थाना प्रभारी व अन्य पुलिस बल उक्त आरोपितों को पकड़ने की बात कह कर वहां से जाने लगे, तो ग्रामीणों ने डीएसपी को घर के अंदर ही बंधक बना कर रख लिया. ग्रामीणों ने कहा : जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते तो डीएसपी को नहीं छोड़ेंगे. बारिश शुरू होने पर डीएसपी को प्रधान रीतारानी हेंब्रम की झोपड़ी के नीचे कुर्सी में बैठा दिया गया, उन्हें पानी तक नहीं दिया गया.
डीसी ने मजिस्ट्रेट को गांव भेजा
माहौल ज्यादा बिगड़ते देख डीसी डॉ शैलेश चौरसिया व एसपी पी मुरूगन ने रात्रि में बातचीत की. इसके बाद डीसी के प्रतिनिधि के रूप में कार्यपालक दंडाधिकारी सह जेल अधीक्षक भागीरथ महतो डीसी के बॉडीगार्ड व वज्र वाहन के साथ पांगडो गांव पहुंचे. वहीं एसपी के निर्देश पर बरहेट थाना प्रभारी मनोज कुमार, बोरियो थाना प्रभारी सुशील कुमार, अनि राजेश टुडू, एचएन होरो, नगर थाना प्रभारी अनुप प्रसाद सहित कई पुलिस बल पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने. अहले सुबह सभी लोगों के साथ बैठक हुई. अहले सुबह तक पांगडो व मिर्जाचौकी करमटोला स्टेशन के नजदीक चार आरोपित को पकड़ कर पुलिस ले आयी. पहचान कराने के लिए कुछ ग्रामीणों को जिरवाबाड़ी थाना लाया गया. पहचान करने के बाद ग्रामीण गांव पहुंचे और सभी को इसकी जानकारी दी. इसके बाद ही अधिकारियों को छोड़ा गया.
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