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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंदा में नहीं है चिकित्सक, 45 हजार की आबादी वाले प्रखंड में चल रहा है झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे इलाज

Updated at : 05 Mar 2021 2:12 PM (IST)
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंदा में नहीं है चिकित्सक, 45 हजार की आबादी वाले प्रखंड में चल रहा है झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे इलाज

सर्दी-खांसी जैसी मामूली बीमारी का भी इलाज नहीं हो पाता है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावे तीन उपस्वास्थ्य केंद्र क्रमशः बनियाडीह, मेदवाडीह व सिकीदाग का भी हाल बेहाल है. यहां कोई भी चिकित्सक नहीं जाते हैं. सभी केंद्र एएनएम के भरोसे चल रहे हैं. व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में दवा भी उपलब्ध नहीं है. वर्ष 2018 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने एंबुलेंस व नियमित चिकित्सक देने की बात कही थी, लेकिन आज तक एंबुलेंस नहीं मिली.

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Jharkhand News, Chatra News कुंदा : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंदा में एक भी चिकित्सक नहीं है. 45 हजार की आबादी वाले प्रखंड में एक भी चिकित्सक नहीं रहने से लोगों का ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा है. कई वर्षों से प्रतापपुर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सकों की देखरेख में कुंदा स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है. यहां चिकित्सक कभी कभार ही आते हैं. चिकित्सक के नियमित रूप से नहीं आने के कारण मजबूरन लोगों को झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराना पड़ता है.

सर्दी-खांसी जैसी मामूली बीमारी का भी इलाज नहीं हो पाता है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावे तीन उपस्वास्थ्य केंद्र क्रमशः बनियाडीह, मेदवाडीह व सिकीदाग का भी हाल बेहाल है. यहां कोई भी चिकित्सक नहीं जाते हैं. सभी केंद्र एएनएम के भरोसे चल रहे हैं. व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में दवा भी उपलब्ध नहीं है. वर्ष 2018 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने एंबुलेंस व नियमित चिकित्सक देने की बात कही थी, लेकिन आज तक एंबुलेंस नहीं मिली.

केंद्र में न एंबुलेंस है न लैब :

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंदा में न एंबुलेंस है और न ही जांच के लिए लैब. हालांकि केंद्र में लैब टेक्नीशियन संजीत कुमार की पदस्थापना की गयी है. मरीजों को ब्लड, शूगर, यक्ष्मा, एचआइवी समेत अन्य जांच के लिए प्रतापपुर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया जाता है. दूरी व सुविधा के अभाव में मरीजों को ज्यादा पैसा देकर निजी लैब से जांच करानी पड़ रही है. स्वास्थ्य केंद्र से अगर किसी को दूसरे अस्पताल रेफर करने की नौबत आती है, तो उक्त मरीज को निजी खर्च से जाना पड़ता है.

क्या कहते हैं प्रभारी सीएस

प्रभारी सिविल सर्जन डॉ रंजन सिन्हा ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुुंदा में एक डॉक्टर की प्रतिनियुक्त की गयी थी, लेकिन वे काफी दिनों से छुट्टी पर हैं. जल्द ही दूसरे डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति की जायेगी, ताकि क्षेत्र के लोगों का इलाज हो सके. भवन का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा कराया जायेगा.

दो कमरों में संचालित है स्वास्थ्य केंद्र

स्वास्थ्य केंद्र का संचालन मात्र दो कमरों से किया जा रहा है, जिसमें एक में प्रसव गृह तथा दूसरे में ओपीडी व कार्यालय है. केंद्र में अधिक मरीजों के एक साथ पहुंचने पर परेशानी होती है. वर्ष 2006 में स्वास्थ्य केंद्र के अपने भवन का निर्माण शुरू हुआ था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ.

Posted By : Sameer Oraon

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