जिले में 108 एंबुलेंस सेवा चरमराई

इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गयी 108 एंबुलेंस सेवा जिले में पूरी तरह चरमरा गयी है. मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. जिससे सबसे अधिक परेशानी गरीब तबके के मरीजों को हो रही है.
चतरा. इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गयी 108 एंबुलेंस सेवा जिले में पूरी तरह चरमरा गयी है. मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. जिससे सबसे अधिक परेशानी गरीब तबके के मरीजों को हो रही है. जिले में 108 एंबुलेंस 19 हैं, लेकिन वर्तमान में मात्र छह ही संचालित हो रही है. यह स्थिति एक माह से बनी हुई है. एंबुलेंस रिम्स रांची भी नहीं जा रही है. चार एंबुलेंस चतरा से हजारीबाग जा रही है. इसके अलावा अन्य दो-तीन एंबुलेंस लोकल दुर्घटना व अन्य आपातकालीन स्थिति कि मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में पहुंचा रही हैं. बता दें कि 108 एंबुलेंस सेवा का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में लोगों को तुरंत चिकित्सा सेवा प्रदान करना है. यह 24 घंटे आपातकालीन सेवा जारी रहती है. इस सेवा के माध्यम से लोगों को घर से अस्पताल तक सुरक्षित और तेजी से पहुंचाने की सुविधा प्रदान की जाती है, लेकिन वर्तमान में एंबुलेंस खुद बीमार पड़ी हैं. 108 एंबुलेंस की नियमित रूप से रखरखाव नहीं होता है. कई बार एंबुलेंस मरीज को हजारीबाग ले जाने के दौरान जंगल में खराब हो जाती हैं. कई बार चालक निजी खर्च से दो चार लीटर तेल भराते है, उसके बाद नजदीकी इंडियन ऑयल कंपनी के पेट्रोल पंप पहुंच कर प्रक्रिया के तहत तेल भराते हैं.
एंबुलेंस में लगे उपकरण खराब
एंबुलेंस में जीवन रक्षक उपकरण लगे हुए हैं, ताकि मरीजों ऑक्सीजन समेत अन्य सेवा मिलती रहे, लेकिन अधिकतर एंबुलेंस में लगे जीवन रक्षक उपकरण काम नहीं कर रहा है. ऑक्सीजन तो है, लेकिन ऑक्सीजन पाइप लीक है. ऑक्सीजन बर्बाद होता है. कई एंबुलेंस में सक्शन मशीन भी खराब पड़ा है.कहां कितनी एंबुलेंस एक्टिव हैं
चतरा सदर अस्पताल में चार एंबुलेंस में से तीन एंबुलेंस एक्टिव हैं. इसी तरह हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो में एक, कुंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक में एक, प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक में जीरो, लावालौंग पीएचसी में एक में से जीरो, सिमरिया में दो में से एक, टंडवा में दो में से जीरो, पत्थलगड्डा में एक में से एक, गिद्धौर में एक में से एक, इटखोरी में दो में से जीरो व कान्हाचट्टी पीएचसी में एक में से जीरो एंबुलेंस एक्टिव हैं.केस स्टडी-1
प्रतापपुर प्रखंड के मैरागखुर्द गांव में एक बच्चे की शनिवार को अचानक तबीयत खराब हो गयी. बच्चे की धड़कन तेज हो गयी थी. इसके बाद परिजन 108 पर फोन कर एंबुलेंस की मांग की. दो घंटे बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची. इसके बाद परिजन परेशान होकर प्राइवेट वाहन से बच्चे को हजारीबाग ले गये. वहां इलाज के दौरान मौत हो गयी. परिजनों ने कहा कि अगर समय पर 108 एंबुलेंस का लाभ मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी.केस स्टडी-2
प्रतापपुर प्रखंड मुख्यालय निवासी सूचित प्रसाद को रविवार को हार्ट अटैक आया. इसके बाद क्षेत्र के उप मुखिया आकाश कुमार ने 108 एंबुलेंस को फोन किया. एम्बुलेंस की मांग किया तो बोल गया कि एंबुलेंस नहीं है, खराब पड़ी हुई है. इसके बाद निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा.केस स्टडी-3
टंडवा थाना क्षेत्र क्षेत्र के असनाही बाइपास में शनिवार की शाम एक हाइवा अनियंत्रित होकर पुल से गिर गया था. हादसे में चालक व उप चालक घायल हो गये थे. वहां मौजूद प्रदीप कुमार, मुंशी महतो, त्रिवेणी महतो व सचिन गुप्ता ने बारी-बारी से 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची. दो-ढाई घंटे बाद पुलिस पहुंची और दोनों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया.केस स्टडी-4
प्रतापपुर साप्ताहिक हाट में एक माह पूर्व सड़क दुर्घटना में एक महिला घायल हो गयी थी, इसके बाद 108 एंबुलेंस में फोन किया गया. वहां से बताया गया कि एंबुलेंस खराब है. अंत में महिला को उठा कर घटनास्थल से 200 मीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. वहीं चतरा सदर प्रखंड के पाराडीह गांव निवासी गणेश यादव के नौ वर्षीय बच्चे का अचानक हाथ-पैर कांपने लगा. इसके बाद सदर अस्पताल लाया, वहां से चिकित्सक ने रिम्स रेफर कर दिया. गणेश ने 108 को फोन कर एंबुलेंस मांगा की, लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली. अंत में एक घंटे बाद रेफर कागज को हजारीबाग करा कर 108 एंबुलेंस से हजारीबाग गया.जिला प्रबंधक ने कहा
108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक राजकुमार वर्मा ने कहा कि 108 एंबुलेंस संचालन का टेंडर नया संस्था सम्मान फाउंडेशन को मिली है. संस्था चेंज होने के कारण दिक्कत हो रही है. शुरुआत में तेल में भी दिक्कत हो रही थी, लेकिन धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. एंबुलेंस वाहन का स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण लंबी दूर यानी रांची रिम्स रेफर मरीजों को नहीं ले जाया जा रहा है.
संघ के अध्यक्ष ने कहा
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि दो माह से चालक व टेक्नीशियन को मानदेय नहीं मिला है. कई एंबुलेंस वाहन रखरखाव के अभाव में खराब पड़ा है. एंबुलेंस में सही मात्रा में डीजल भी नहीं मिल पा रही है. जिसके कारण मरीज को ले जाने में परेशानी हो रही है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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