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चतरा डीएसपी समेत टंडवा और लावालौंग थाना प्रभारी हाईकोर्ट तलब, मोबाइल जब्त

Updated at : 06 Feb 2026 1:37 PM (IST)
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Jharkhand High Court

मैट्रिक परीक्षार्थियों को हिरासत में लेने के मामले में हाईकोर्ट सख्त.

Ranchi News: दो मैट्रिक परीक्षार्थियों को अवैध हिरासत में लेने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा डीएसपी समेत टंडवा और लावालौंग थाना प्रभारी को तलब किया. मोबाइल जब्त कर कोर्ट में बैठाया गया. हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस से कई तीखे सवाल पूछे गए. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Ranchi News: मैट्रिक के परीक्षार्थी को अवैध तरीके से हिरासत में लेने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा के डीएसपी समेत टंडवा और लावालौंग के थाना प्रभारी को तलब कर लिया है. इन तीनों का मोबाइल जब्त करके कोर्ट रूम में बैठा दिया गया है. इसके साथ ही, अदालत ने चतरा एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिर होकर यह बताने का निर्देश दिया गया है कि परीक्षार्थी को किस आधार पर हिरासत में लिया गया. क्या पुलिस ने इसका कोई केस डायरी तैयार किया है?

हैवियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई

मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षार्थी की मां की ओर से हाईकोर्ट में हैवियस कॉर्पस सुनवाई के लिए दायर याचिका पर यह कार्रवाई की गई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नारायण प्रसाद और एके राय की खंडपीठ ने इस मामले पर दोबारा सुनवाई करने की बात कही है.

अदालत ने पुलिस से पूछा सवाल

अदालत ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि 26 और 27 जनवरी की रात को दो बच्चों को घर से क्यों उठाया गया? पूछताछ के बाद उन्हें तुरंत क्यों नहीं छोड़ा गया? उन दोनों बच्चों को 10 दिनों तक हिरासत में क्यों रखा?

चतरा डीएसपी ने रखा पक्ष

चतरा डीएसपी ने अदालत को बताया कि स्टेशन डायरी में इसका जिक्र किया गया है. इसके बाद, अदालत ने मोबाइल से चतरा एसपी से बात की और केस डायरी के बारे में जानकारी मांगी. अदालत ने एसपी से पूछा कि केस डायर में इन दोनों बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए कोई बात लिखी गई है या नहीं? इसके बाद अदालत ने चतरा डीएसपी समेत टंडवा और लावालौंग के थाना प्रभारी का मोबाइल जब्तकर कोर्ट रूम में बैठा दिया.

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क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, लावालौंग पुलिस ने 26 और 27 जनवरी की दरम्यानी रात को दो बच्चों को उठाया और इसके बाद टंडवा थाने को सौंप दिया. अदालत ने इन पुलिस अधिकारियों से पूछा कि टंडवा थाने में क्या कांड संख्या 26/2026 दर्ज था? उसी मामले में पूछताछ के लिए इन दोनों को बुलाया गया, तो क्या किसी केस डायरी में इसका जिक है?

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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