Chaibasa News : सहकर्मियों से लाखों रुपये की वसूली में तीन शिक्षक निलंबित

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Chaibasa News : सहकर्मियों से लाखों रुपये की वसूली में तीन शिक्षक निलंबित

डीसी के आदेश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कार्रवाई की

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चाईबासा.

पश्चिमी सिंहभूम जिले में लंबित वेतन और बकाया राशि भुगतान के नाम पर सहकर्मियों से लाखों रुपये की अवैध वसूली के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) टोनी प्रेमराज टोप्पो ने तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है. उपायुक्त चंदन कुमार के निर्देश पर विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई है. निलंबित किये गये शिक्षकों में मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय, चक्रधरपुर के राकेश महतो, प्लस टू उच्च विद्यालय, गोइलकेरा के प्रदीप फेडरिक मिंज और प्लस टू उच्च विद्यालय, कुल्डा (बंदगांव) के आलोक मुंडू शामिल हैं. झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2016 से कार्रवाई की गयी है.

निलंबन अवधि में मुख्यालय में बायोमीट्रिक उपस्थिति बनानी होगी

निलंबन अवधि में राकेश कुमार को मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय कुमारडुंगी, आलोक आनंद मुंडु का मुख्यालय जगन्नाथपुर व क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी-जगन्नाथपुर तथा फेडरिक मिंज का मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी मनोहरपुर कार्यालय होगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि निलंबन अवधि में झारखंड सेवा संहिता के नियम 96 के तहत जीवन यापन भत्ता देय होगा. निलंबन अवधि में निर्धारित मुख्यालय में बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य रहेगा.

शिक्षकों से बैंक खातों के विवरण मांगे गये

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जांच अभी जारी है. यदि अन्य लोग दोषी पाये जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी. शिक्षक आलोक मुंडू ने वसूली की गयी राशि अपनी पत्नी अमिता आइंद के बैंक खाते में ट्रांसफर किया. विभाग ने उनसे और उनकी पत्नी से पिछले तीन महीनों के बैंक स्टेटमेंट मांगे हैं. प्रदीप फेडरिक मिंज से उनके सभी बैंक खातों का विवरण तलब किया गया है. शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो उनके विरुद्ध सेवा समाप्ति की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

स्पष्टीकरण मांगने पर भ्रामक जानकारी दी

डीइओ ने बताया कि निलंबित तीनों शिक्षकों ने स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के बकाया वेतन व अन्य राशि भुगतान के लिए भ्रमित कर शिक्षकों से वसूली की. स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों ने कार्यालय में लिखित सूचना दी थी. इस संबंध में परिवाद पत्र मिले हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि तीनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था. उन्होंने असंतोषजनक, भ्रामक व तथ्यहीन जानकारी दी थी.

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