चाईबासा. सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को सरकारी अस्पताल व निजी क्लीनिक पहुंचा कर उनके जान बचाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम गुप्ता एक है जो सभी के लिए मिसाल बन चुके हैं. जो मानव सेवा के लिए विपरीत परिस्थितियों में भी अतुलनीय कार्य निरंतर कर रहे हैं. श्री गुप्ता पेशे में अधिवक्ता तथा सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य भी हैं. वे विगत 15 वर्षों से चाईबासा शहरी क्षेत्र के अलावा आसपास ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को सदर अस्पताल तथा आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पताल पहुंचा कर रक्त तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराके उनका इलाज करवाकर जान बचाने का कार्य कर रहे हैं. कई बार रात्रि के समय भी सड़क दुर्घटना की सूचना पाकर श्री गुप्ता द्वारा घटनास्थल पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाता है. वहीं गंभीर रूप से जख्मी होने वाले लोगों को अगर चिकित्सकों द्वारा हायर सेंटर रेफर किया जाता है, तो एंबुलेंस की भी व्यवस्था उनके द्वारा अस्पताल के माध्यम से की जाती है. श्री गुप्ता बताते हैं कि विगत 9 वर्ष पूर्व मुझे तथा सर्वश्रेष्ठ पारा लीगल वालंटियर रही शहर की सामाजिक कार्यकर्ता बसंती गोप के साथ सड़क सुरक्षा समिति का सदस्य बनाया गया था. 5 वर्ष पूर्व श्रीमती गोप का बीमारी के कारण निधन हो गया. उनके साथ मानव सेवा से जुड़े कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ था. सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने का कार्य विगत डेढ़ दशक से किया जा रहा है. तब ना तो झारखंड सरकार द्वारा गुड समरिटर्न पॉलिसी की योजना शुरू की गयी थी.वे बताते हैं कि सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने एवं मानव सेवा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा 6 बार प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है. श्री गुप्ता द्वारा अभी तक लगभग 1000 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया.
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