पुलिस ने मुजरिम समझ दूसरे युवक को उठाया, गलती समझ में आने के बाद छोड़ा

युवक को कोर्ट परिसर से पकड़ कर ले जाती पुलिस | Prabhat Khabar Network
चाईबासा कोर्ट परिसर में हाटगम्हरिया पुलिस ने मुजरिम समझ एक निर्दोष युवक को जबरन उठा लिया। गलती का अहसास होने पर पुलिस ने उसे वापस कोर्ट लाकर छोड़ दिया।
प्रतिनिधि, चाईबासा
चाईबासा कोर्ट परिसर में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गयी, जब सादे लिबास में आयी पुलिस ने मुजरिम के शक में एक निर्दोष युवक को जबरन उठा लिया. पुलिस के जवान उक्त युवक को वकीलों की मौजूदगी में खींचते हुए गाड़ी में बैठाकर ले गये. हालांकि कुछ दूर जाने के बाद जब उसका नाम-पता पूछा गया, तब पहचान की भूल का अहसास होने पर पुलिस ने 10 मिनट के भीतर ही उसे वापस कोर्ट लाकर छोड़ दिया. इस घटना से कोर्ट परिसर में मौजूद वकील दंग रह गये.
सादे लिबास में आयी थी हाटगम्हरिया पुलिस
जानकारी के अनुसार हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के जयपुर गांव में बीते दिनों हुए शंकर लागुरी हत्याकांड का एक आरोपी शनिवार को चाईबासा कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाला था. इसकी भनक लगते ही हाटगम्हरिया थाना प्रभारी उत्तम तिवारी के नेतृत्व में पुलिस कर्मी सादे कपड़ों में आरोपी की धरपकड़ के लिए कोर्ट परिसर में जाल बिछाकर उसकी तलाश कर रहे थे.
वकीलों ने छुड़ाने का किया प्रयास, थाना प्रभारी ने मानी गलती
तलाश के दौरान गलतफहमी के कारण पुलिस ने कोर्ट आये एक दूसरे युवक को आरोपी समझ लिया और उसे पकड़कर ले जाने लगे. मौके पर मौजूद कुछ वकीलों ने युवक को पुलिस के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया और गाड़ी के पीछे भी गये, लेकिन पुलिसकर्मी युवक को वाहन में बैठाकर रवाना हो गये. बाद में गलती का अहसास होने पर उसे वापस लाया गया. मामले को लेकर हाटगम्हरिया थाना प्रभारी उत्तम तिवारी ने बताया कि गलत सूचना या धोखे के कारण उस युवक को पकड़ लिया गया था.
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