खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड को भ्रष्टाचार ने पीछे धकेला, डीएमएफटी फंड का हुआ दुरुपयोग :मरांडी

तसवीर: 15 सीबीएस 3- प्रेस वार्ता करते बाबूलाल मरांडी | Prabhat Khabar Network
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर डीएमएफटी फंड के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जानिए पश्चिमी सिंहभूम की बदहाल स्थिति पर क्या कहा पूर्व सीएम ने।
भारतीय जनता पार्टी पश्चिमी सिंहभूम जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता में प्रतिपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर विकास, कानून व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा है. श्री मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार ने खदान प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) की व्यवस्था की थी. इस फंड का उद्देश्य बेहतर शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना था, ताकि जिन लोगों की जमीन खनन में गई है या जो प्रदूषण से प्रभावित हैं, उन्हें न्याय मिल सके. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में पश्चिमी सिंहभूम को डीएमएफटी मद से लगभग 3,700 करोड़ रुपये मिले, यानी औसतन 300 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष, लेकिन इस राशि का सही उपयोग नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि यदि इस धन का ईमानदारी से उपयोग होता तो पश्चिमी सिंहभूम की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती थी. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरे में खदान प्रभावित गांवों की स्थिति देखकर वे बेहद दुखी हुए. आज भी कई गांवों में लोग नदी-नालों का पानी पीने को मजबूर हैं, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं और खराब सड़कों के कारण मरीजों को खाट पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है.
कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर
बाबूलाल मरांडी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और एक छोटे स्तर का पुलिस पदाधिकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों की परवाह नहीं करता. उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, दलालों और माफियाओं का तंत्र चल रहा है. उनके अनुसार ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है जहां भ्रष्टाचार चरम पर न हो और आम नागरिक परेशान न हो. उन्होंने कहा कि उद्योग-धंधे लगातार बंद हो रहे हैं, लेकिन सरकार गंभीर नहीं है. माइंस और बालू घाटों की समय पर नीलामी नहीं होने से हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है, बेरोजगारी बढ़ी है और अवैध खनन को बढ़ावा मिला है. उन्होंने सरकार से पारदर्शी व्यवस्था लागू कर खनिज संपदा का लाभ जनता तक पहुंचाने की मांग की.
प्रेस वार्ता में ये रहे उपस्थित
प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गगराई, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जे.बी. तुबिद, पूर्व विधायक गुरु चरण नायक पूर्व विधायक शशि सामठ प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा, उपाध्यक्ष रंजन प्रसाद सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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