जैंतगढ़.
पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर के मुंडुई गांव में 12 वर्षीय किशोरी से गैंगरेप की घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है. दूसरी ओर पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है. उसे चंपुआ में प्राथमिक उपचार के बाद चाईबासा सदर अस्पताल रेफर किया गया था. सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने पीड़िता को एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर रेफर कर दिया है. घटना से लोगों में गुस्सा है. ग्रामीणों का कहना है कि बहन-बेटियों को बाहर भेजने से डर लगता है. क्षेत्र में कानून व्यवस्था फेल होने से अपराधियों में खौफ नहीं है. मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. ज्ञात हो कि 12 वर्षीय पीड़िता अपने नाबालिग चचेरे भाई के साथ शुक्रवार की रात मुंडुई गांव में झूमर कार्यक्रम देखने गयी थी. शनिवार की सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच लौटने के क्रम में 4-5 लड़कों ने सामूहिक बलात्कार किया. उसके भाई को मारपीट कर भगा दिया. मामला थाना पहुंचने पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सभी आरोपित शादीशुदा और बाल बच्चेदार हैं.पीड़िता के घर पहुंचीं पीएलवी, डालसा से मदद का आश्वासन
डालसा (चाईबासा) के सचिव रवि चौधरी के आदेश पर जैंतगढ़ की पीएलवी प्रमिला पात्रा रविवार को पीड़िता के घर पहुंची. परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी ली. उन्हें डालसा से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.सामाजिक कार्यक्रम में खुलेआम नशा पर लगे रोक
श्रीमती पात्रा ने कहा कि ये जघन्य अपराध कई प्रश्नों को जन्म दे रहा है. सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोग खुलेआम नशा करते हैं. नशा में जघन्य अपराधों को अंजाम देते है. खेल का मैदान और कार्यक्रम स्थल में पुलिस गश्त दल जरूर होना चाहिए. बिना अनुमति के बड़े कार्यक्रम का आयोजन नहीं होना चाहिए. अभी सीमावर्ती क्षेत्र में आइटम डांस के नाम पर अश्लीलता परोसी जा रही है. ये समाज के लिए नासूर हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

