ePaper

Chaibasa News : सांस्कृतिक विरासत को सहेजती है भाषा : डॉ तपन

Updated at : 16 Dec 2025 11:09 PM (IST)
विज्ञापन
Chaibasa News : सांस्कृतिक विरासत को सहेजती है भाषा : डॉ तपन

कोल्हान विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय में भारतीय भाषा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

विज्ञापन

चाईबासा. कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा के मानविकी संकाय की ओर से मंगलवार को पीजी विभाग में कवि, चिंतक, समाज सुधारक व स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती की स्मृति में भारतीय भाषा दिवस का आयोजन किया गया. मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ तपन खानरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. वहीं विनोबा भावे विवि, हजारीबाग के हिंदी विभाग के डॉ मिथिलेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.

डॉ तपन खनराह ने सुब्रमण्यम भारती के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. उन्हें एक महान कवि, विचारक, समाज सुधारक एवं सक्रिय राष्ट्रवादी बताया. उन्होंने कहा कि भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक एवं राजनीतिक पहचान का सशक्त आधार है. यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजती है. हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ पीयूष कुमार ने क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया. मुख्य अतिथि डॉ मिथिलेश सिंह ने अपने विद्वतापूर्ण व्याख्यान में सुब्रमण्यम भारती के साहित्यिक योगदान के साथ-साथ भारतीय भाषाओं की स्थिति, महत्व एवं विविधता पर चर्चा की. उन्होंने भारतीय भाषाओं की वर्तमान स्थिति को वैश्विक स्तर पर लुप्तप्राय भाषाओं की चिंता से भी जोड़ा. कार्यक्रम में स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं विश्वविद्यालय के सदस्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ.

महिला सशक्तीकरण से दूर होगा लैंगिक भेदभाव

चाईबासा .महिला कॉलेज चाईबासा में आइक्यूएसी एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को लैंगिक अपराध के विरुद्ध जन जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ प्रीतिबाला सिन्हा ने किया. इस मौके पर डॉ प्रीतिबाला ने कहा कि जागरुकता, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से ही लैंगिक भेदभाव को चुनौती दी जा सकती है. आइक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता जायसवाल ने छात्राओं के बीच दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा एवं भारतीय न्याय संहिता जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. राजनीति विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक ने छात्राओं को सोच बदलने, मौन तोड़ने और अपने खिलाफ आवाज उठाने के लिए लिए प्रेरित किया. इस मौके पर अंजूबाला खाखा, डोरिस मिंज, संगीता लकड़ा, डॉ अमृता जायसवाल, रूपकला, माधुरी खलखो, डॉ अंजना सिंह, डॉ मीरा कुमारी, सोनामाई सुंडी, डॉ प्रशांत खरे आदि उपस्थित रहे. अश्विनी गुप्ता और श्रेया कुमारी ने भाषण के माध्यम से अपना विचार प्रस्तुत किये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ATUL PATHAK

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola