चंद्रपुरा. चंद्रपुरा के ग्रामीण क्षेत्र में भी चैती दुर्गा पूजा की धूम है. तरंगा और तेलो गांव में 100 सालों से पूजा का आयोजन हो रहा है. दोनों जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है. तेलो में पूजा की शुरुआत प्राण गोस्वामी ने करायी थी. बाद में सार्वजनिक रूप से आयोजन किया जाने लगा.
यहां की पूजा वैष्णवी विधि से होती है और बलि नहीं दी जाती. तेलो मध्य पैक्स के बगल में मंडप बना हुआ है और यहां दशमी के दिन मेला लगता है. तरंगा में पूजा की शुरुआत पांडेय परिवार ने की थी. इसके लिए स्थायी मंडप बना है. पहले पांडेय परिवार खानूडीह में यह पूजा करते थे. मुखिया प्रवीण कुमार पांडेय व जिप सदस्य संतोश पांडेय ने बताया कि पूजा में बलि देने की पुरानी परंपरा है. नवमी के दिन यहां पूरे गांव के लोग बकरे की बलि देते है. इस बार भी नवमी की रात यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.हिंदू मिलन मंदिर में हुआ अष्टमी की पूजा
चंद्रपुरा के हिंदू मिलन मंदिर में हुई अष्टमी की पूजा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पुष्पांजलि दी. पुजारी गणेष चंद्र गांगुली ने पूजन कराया. आयोजन को लेकर कमेटी के अनिमेश गिरि, शैलेन नाथ महतो, सुनील राय, जितेंद्र तिवारी आदि सक्रिय रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

