11 वर्षों से तीन एनएनएम ट्रेनिंग सेंटर खुलने का इंतजार
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Published at :25 Aug 2024 1:10 AM (IST)
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पत्राचार के बाद चुप्पी साध लेता है विभाग, सेंटर में सरकार की नहीं दिखती दिलचस्पी
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रंजीत कुमार, बोकारो.
बोकारो जिला में करोड़ों की लागत से बने तीन एएनएम ट्रेनिंग स्कूल (कैंप दो – चार करोड़, जैनामोड़ – तीन करोड़ व फुसरो – दो करोड़) 11 साल से बनकर तैयार है. सरकार की उदासीनता के कारण आज तक एक भी सेंटर शुरू नहीं हो पाया. किसी भी ट्रेनिंग सेंटर को सरकार ने अब तक एनओसी नहीं दी है. तीनों एएनएम ट्रेनिंग सेंटर वर्ष 2013 में स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया गया था. उस वक्त भी हेमंत सरकार थी. तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बेरमो विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह थे. दो ट्रेनिंग सेंटर जैनामोड़ व फुसरो अस्पताल के पास है. एक सेंटर कैंप दो सदर अस्पताल के पीछे बना हुआ है. कैंप दो में चार करोड़ की लागत से एएनएम ट्रेनिंग सेंटर भवन बनाया गया. भवन हैंडओवर किये छह साल हो गये. यहां एएनएम के प्रशिक्षण के साथ हॉस्टल की व्यवस्था के इंतजाम किये गये है. भवन शिलान्यास वर्ष 2011 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने किया था. 24 अगस्त 2017 को स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने भवन निरीक्षण किया था. उस वक्त वर्ष 2018-19 में पढ़ाई शुरू होने की बात थी. मुख्यालय को वर्ष 2017 में ही सभी तरह के उपलब्ध करा दिये गये थे. इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया.सेंटर में स्वास्थ्य विभाग का चलता है प्रशिक्षण :
नर्सिंग सेंटर को शुरू करने के लिए जब भी पत्राचार किया जाता है, तब मुख्यालय द्वारा कई तरह के कागजात की मांग की जाती है. ज्ञात हो कि सभी तरह के कागजात कई बार विभाग द्वारा उपलब्ध करा दिया गया है. एएनएम प्रशिक्षण केंद्र भवन में 50 नर्सों के अलावा वार्डेन व प्रशिक्षकों के रहने की भी व्यवस्था है. केंद्र शुरू होने से पूर्व प्रशिक्षक व वार्डन की नियुक्ति भी होनी है. फिलहाल भवन में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रशिक्षण सहिया, सेविका, एएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाता है.पांच जुलाई 2018 से लगातार पत्राचार :
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को कई बार बोकारो के कई पूर्व सिविल सर्जन ने पत्र लिखा है. पांच जुलाई 2018 को स्वास्थ्य निदेशक ने तत्कालीन सिविल सर्जन से जानकारी मांगी थी कि ट्रेनिंग स्कूल परिसर में हॉस्टल है. सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से पूरी जानकारी बार-बार उपलब्ध कराया गया. बताया गया कि हॉस्टल है. मुख्यालय के मांग पर 25 मई 2019 को भवन का पूरा मैप भेजा गया. इसके बाद कई बार मुख्यालय व जिला स्तर पर पत्राचार किया गया. हर बार आश्वासन मिला कि जल्द ही सेंटर शुरू कर दिया जायेगा. इसके बाद भी सन्नाटा पसरा हुआ है.बोले सीएस :
सिविल सर्जन डॉ एबी प्रसाद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है. बस सरकार के पत्र का इंतजार है. एनओसी प्राप्त होते ही तीनों सेंटर में प्राचार्य, इंस्ट्रक्टर, वार्डन व कर्मियों की नियुक्ति होगी. इसके बाद ट्रेनिंग का रास्ता साफ हो जायेगा. अपने स्तर से सभी कोशिश है, ताकि सेंटर जल्द शुरू हो.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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