नावाडीह प्रखंड अंतर्गत बरई पंचायत के जुडामना निवासी नारायण महतो के पुत्र उमेश महतो 27 (वर्ष) का शव उनकी मौत के पांच दिन बाद मंगलवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद से गांव लाया गया. शव आते ही परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. पत्नी पायल देवी, मां पुनिया देवी, भाई शिवा महतो, पिता नारायण महतो बार-बार अचेत हो रहे थे. जिप सदस्य फूलमती देवी, मुखिया विजय कुमार रवि, समाजसेवी नागेश्वर सिंह, पुरन महतो, दयाल महतो, जयलाल महतो, हरि महतो, नुनुचंद तुरी, बबलू तुरी आदि ने परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया. उमेश महतो महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आरएस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता था. 31 दिसंबर 2025 को काम के दौरान करंट लग गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान एक जनवरी को मौत हो गयी थी. मौत के बाद तीन दिन शव अस्पताल में पड़ा रहा. दबाव के बाद कंपनी ने मृतक की पत्नी के बैंक खाता में तीन लाख 21 हजार रुपया चार जनवरी को भेजा.
परिजनों व स्थानीय लोगों ने विधायक का किया विरोध
डुमरी विधायक जयराम महतो समर्थकों के साथ श्मशान घाट पहुंचे. परिजनों व स्थानीय लोगों ने विधायक का विरोध किया. कहा कि पांच दिन आप कहां थे. एक भी दिन शोकाकुल परिवार का हाल चाल नहीं लिया. अगर आपने प्रयास किया होता तो उमेश यादव का शव तीन दिन अस्पताल में नहीं रहता.
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