Bokaro News : अतिक्रमण का शिकार है सिंगारी जोरिया
Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 01 Jun 2026 11:46 PM
Bokaro News : चास में सिंगारी जोरिया अतिक्रमण का शिकार है.
चास नगर क्षेत्र में मानसून में जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है. इसका एक मुख्य कारण जलस्रोतों पर अतिक्रमण भी है. अतिक्रमण और कचरे के कारण जल की निकासी बाधित हो रही है. जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया है. चास में बहने वाली सिंगारी जोरिया भी अतिक्रमण की शिकार है. 200 फीट से अधिक चौड़ी रही यह जोरिया अब संकरी नाली में बदल चुकी है. कई जगह जोरिया के किनारे और इसके प्रवाह क्षेत्र में पक्के मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना दिये गये हैं. स्थानीय नालों का गंदा पानी और भारी मात्रा में ठोस कचरा इसमें गिराया जा जा रहा है.
कई बार चास अंचल कार्यालय द्वारा जोरिया की मापी कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया, लेकिन ठोस और व्यापक कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या जस की तस है. स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा चास नगर निगम और जिला प्रशासन से सिंगारी जोरिया को अतिक्रमण मुक्त कराने समेत गहरीकरण करने और सौंदर्यीकरण की मांग लगातार की जाती रही है. लोगों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने को लेकर अगर जिला प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ तो सिंगारी जोरिया कहानी बन जायेगी.यहां-यहां हुआ है अधिक अतिक्रमण
सिंगारी जोरिया में सबसे अधिक अतिक्रमण सरस्वती नगर, तारा नगर, धर्मशाला चौक, महावीर चौक, सुखदेव नगर और चीराचास के इलाकों में किया गया है. माफियाओं और स्थानीय लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिये. अगर सही से जांच और कार्रवाई हो तो दर्जनों बड़े भवन टूट जायेंगे. चास में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जलधारा के प्राकृतिक बहाव को रोक कर अतिक्रमण किया गया है. बाजार क्षेत्र में व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों के कारण जोरिया का दायरा सिमट गया है. यदि प्रशासन जोरिया को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराता है, तो कई आलीशान भवन, होटल, और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का टूटना तय है.कई बार जोरिया ने दिखाया है रौद्र रूप
जोरिया के अतिक्रमण के कारण बारिश के दिनों में तारानगर, बाबा नगर, धर्मशाला मोड़, पुराना चास सहित दर्जनों कॉलोनियों में जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है. कई बार सिंगारी जोरिया रौद्र रूप दिखा चुकी है. दो वर्ष पूर्व बरसात के मौसम में चीराचास में बाढ़ की स्थिति बन गयी थी. आधा चीराचास डूब गया था.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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