बरवाबेड़ा दरगाह टोला के विस्थापितों के घरों में आठ दिनों से पानी नहीं मिल रहा है. इससे आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को सीसीएल बीएंडके एरिया अंतर्गत एकेके एसओपी खासमहल कोनार परियोजना के कोनार साइडिंग के कार्य को बंद करा दिया. कोयला ट्रांसपोर्टिंग में लगे डंपर खड़े हो गये.
नहीं बिछायी गयी है पाइप लाइन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मो अजीज, मो असिरुद्दीन व मो अख्तर ने कहा कि कोनार परियोजना खुलने के पहले बरवाबेड़ा की जमीन का अधिग्रहण किया गया था. विस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को साइड देने की सहमति बनी थी, लेकिन आज तक न तो साइड दिया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गयी. सीसीएल द्वारा बरवाबेड़ा में पाइप लाइन के जरिये पानी भी नहीं उपलब्ध नहीं कराया गया है. सीसीएल की ओर से डब्बे का पानी पहुंचाया जाता था, लेकिन आठ दिनों से वह भी बंद है. बरवाबेड़ा से नदी की दूरी भी ज्यादा है और नदी का पानी पीने लायक नहीं है. समस्या से पीओ एसके सिंह को अवगत कराया गया. उनके कहने पर अभियंता से बात की गयी तो वह टाल मटोल करने लगे. आंदोलन के घंटों बाद पीओ ने आंदोलनकारियों से बात कर तत्काल पानी उपलब्ध कराने की बात कही. तब आंदोलन स्थगित किया गया. पीओ ने कहा कि पानी आपूर्ति के लिए जिसका टेंडर हुआ था, वह समाप्त हो गया है. जल्द ही नया टेंडर होगा.
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