Bokaro News : कोयला डिस्पैच में सैंपलिंग लागू किये जाने का विरोध

Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 05 Oct 2025 10:11 PM

विज्ञापन

Bokaro News : लोकल सेल से जुड़े लोगों ने कोयला डिस्पैच में अनिवार्य सैंपलिंग लागू करने का विरोध किया है.

विज्ञापन

गांधीनगर, सीसीएल बीएंडके एरिया अंतर्गत खासमहल कोनार परियोजना के लोकल सेल से जुड़े डीओ होल्डर, ट्रक ऑनर, लिफ्टर तथा लोडिंग मजदूरों ने कोयला डिस्पैच में अनिवार्य सैंपलिंग लागू करने के विरोध में रविवार को कांटा घर में कामकाज ठप करा दिया. कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से कोयला व्यवसाय से जुड़े सैकड़ो लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न होगी. इसे तुरंत वापस लिया जाये. ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष मो शाहनवाज एवं आजसू नेता वुचू सिंह ने कहा कि पहले ही 18 फीसदी जीएसटी लगा कर कोयला व्यवसायियों पर अतिरिक्त बोझ लादा गया है. अब सैंपलिंग का मामला है. सीसीएल सैंपलिंग कर कोयला का ग्रेड तय करने के बाद इसकी बिडिंग करती है. ऐसे में फिर से सैंपलिंग का क्या मतलब है. जहां कोयले का गोरखधंधा हो रहा है, वहां सैंपलिंग किया जाये.

लोकल सेल में पर्याप्त कोयला देने की मांग

वक्ताओं ने कहा कि लोकल सेल में प्रबंधन पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराये. कुछ माह से कोयला की अनुपलब्धता के कारण सेल सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है. लोकल सेल के कोयले का फिर से सैंपलिंग नहीं होना चाहिए, वरना उग्र आंदोलन होगा. मौके पर अशोक सिंह, राजा बाबू, परवेज अख्तर, लक्ष्मण रवानी, मंटू, सतीश सिंह, धनंजय कुमार, बदरू, मदन सिंह, कादिर, मुन्ना सिन्हा, फारूक, नितेश सिंह, मुकेश सिंह, विद्या शंकर महतो, अभय सिंह, इरफान, नक्कू सिंह, राशिद, विनोद महतो, राजन सिंह, प्रिंस वर्मा, हकीमुद्दीन, महादेव राम, गणेश महतो, बोध राम, संतोष सहाय, उदय पंडित, फिरोज सहित कई लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
JANAK SINGH CHOUDHARY

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola