Bokaro News : बोकारो में लेप्रोसी स्क्रीनिंग टीम ने की 441 गांव में स्क्रीनिंग

Published at :17 Feb 2025 12:10 AM (IST)
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Bokaro News : बोकारो में लेप्रोसी स्क्रीनिंग टीम ने की 441 गांव में स्क्रीनिंग

Bokaro News : स्वास्थ्य विभाग के लेप्रोसी विभाग ने आठ प्रखंडों के 441 गांवों में 15 दिनों (30 जनवरी से 13 फरवरी) तक विशेष स्किनिंग अभियान चलाया. इस दौरान 11 लाख चार हजार 39 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी.

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बोकारो. स्वास्थ्य विभाग के लेप्रोसी विभाग ने आठ प्रखंडों के 441 गांवों में 15 दिनों (30 जनवरी से 13 फरवरी) तक विशेष स्किनिंग अभियान चलाया. इस दौरान 11 लाख चार हजार 39 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी. स्क्रीनिंग करनेवाली टीम को 1967 लोगों में लेप्रोसी का संदेह हुआ. 1134 लोगों की गहन जांच के बाद 27 लोगों में लेप्रोसी की पुष्टि हुई. टीम का नेतृत्व डीएस सदर सह मेडिकल ऑफिसर डॉ अरविंद कुमार कर रहे हैं. टीम में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ सज्जाद आलम, डीपीएम दीपक कुमार सहित स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं. ग्रामीणों की दिलचस्पी को देखते हुए स्क्रीनिंग की अवधि 15 दिनों तक बढायी गयी है.

डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान विशेष फोकस उन गांवों को किया जा रहा है. जहां पर पिछले 10 साल से लेप्रोसी के संदेही मरीज मिले हैं. लोगों में किसी तरह की परेशानी हो रही है. फिलहाल 441 गांव में स्क्रीनिंग की जा रही है. कुल 675 गांवों के ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की जानी है. अभियान में कुल 1219 टीम लगाया गया है. एक टीम में दो लोग शामिल है. टीम के कार्य की निगरानी 247 सुपरवाइजर कर रहे हैं. पांच टीम पर एक सुपरवाइजर रखा गया है. सुपरवाइजर के माध्यम से क्षेत्र के मेडिकल ऑफिसर स्क्रीनिंग की समीक्षा कर रहे है. रोजाना रिपोर्ट सीएस डॉ एबी प्रसाद के साथ साझा हो रहा है.

समय रहते इलाज से विकलांगता से बचाव संभव : डॉ अरविंद

सदर अस्पताल के डीएस डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि लेप्रोसी या कुष्ठ रोग एक संक्रामक बीमारी है. यह माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होता है. इसे हैनसेन रोग के नाम से भी जाना जाता है. यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है. कुष्ठ रोग का इलाज संभव है. समय रहते इलाज कराने से ज्यादातर विकलांगताओं से बचा जा सकता है. एंटीबायोटिक्स से कुष्ठ रोग की प्रगति को रोका जा सकता है. कुष्ठ रोग के लक्षणों में त्वचा पर घाव, चकत्ते, उभार, त्वचा का सुन्न होना, मांसपेशियों में कमजोरी, उंगलियों में स्पर्श की भावना का नुकसान, पैरों के तलवों में अल्सर और कॉर्नियल अल्सर, बंद नाक, नजर चले जाना या अंधापन, बुखार, सूजे हुए लिम्फनोड मुख्य है.

जिले में लेप्रोसी मरीज खोज अभियान चलाया जा रहा है. रोजाना स्क्रीनिंग की जा रही है. जल्द ही पूरी आबादी की स्क्रीनिंग कर ली जायेगी. संदेही मरीजों की गहनता के साथ जांच हो रही है. पुष्टि होने पर तुरंत दवा शुरू किया जा रहा है. – डॉ अभय भूषण प्रसाद, सिविल सर्जन, बोकारो

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