दिहाड़ी मजदूर की बेटी छोटी कुमारी बनी स्टेट टॉपर, आईएएस बन देश की सेवा करने का सपना

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :06 May 2026 5:49 PM (IST)
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Bokaro News

बेटी छोटी को मिठाई खिलाते पिता भवानी शंकर नायक और मां माला देवी. फोटो: प्रभात खबर

JAC Result: बोकारो के कसमार की छोटी कुमारी ने जैक इंटर आर्ट्स 2026 में 487 अंक लाकर स्टेट टॉपर बनी. दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर सफलता पाई. आईएएस बनकर देश सेवा करने का सपना रखने वाली छोटी की कहानी प्रेरणादायक बन गई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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बोकारो के कसमार से दीपक सवाल की रिपोर्ट

JAC Result: बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव की बेटी छोटी कुमारी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा 2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. छोटी ने 487 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है उनकी इस उपलब्धि से गांव, विद्यालय और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.

हरनाद हाई स्कूल की छात्रा है छोटी

छोटी कुमारी, खैराचातर निवासी भवानी शंकर नायक और माला देवी की पुत्री हैं. वह पीएमश्री क्षेत्रनाथ प्लस टू उच्च विद्यालय हरनाद की छात्रा हैं. सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है. उनके पिता एक साधारण दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी बेटी की पढ़ाई जारी रखी.

आईएएस बन देश सेवा करना चाहती है छोटी

अपनी सफलता पर छोटी कुमारी ने कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है. उन्होंने कहा कि यदि परिवार, समाज और प्रशासन का सहयोग मिला तो वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी करेंगी. उन्हें विश्वास है कि अवसर मिलने पर वह अपना सपना अवश्य पूरा करेंगी.

नियमित पढ़ाई को बताया सफलता का मंत्र

छोटी ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान अचानक अधिक पढ़ाई करने के बजाय नियमित अध्ययन पर ध्यान दिया. वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक लगातार पढ़ाई करती थीं. उनके अनुसार अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. उन्होंने कहा कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई बार बिजली कटने से भी दिक्कत होती थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. पिता ने मजदूरी कर किसी तरह उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया.

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शिक्षकों के सहयोग से मिली सफलता

छोटी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया. उन्होंने विशेष रूप से इतिहास के शिक्षक इरशाद अख्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर मार्गदर्शन दिया. छोटी की इस उपलब्धि से खैराचातर गांव सहित पूरे कसमार क्षेत्र में गर्व और उत्साह का वातावरण है. लोग इसे मेहनत, संघर्ष और संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल मान रहे हैं.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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