ePaper

Bokaro News : जवाहरनगर में मुस्लिम और हिंदुओं ने मिल कर शुरू की थी दुर्गा पूजा

Updated at : 27 Sep 2025 12:14 AM (IST)
विज्ञापन
Bokaro News : जवाहरनगर में मुस्लिम और हिंदुओं ने मिल कर शुरू की थी दुर्गा पूजा

‍Bokaro News : जवाहरनगर सार्वजनिक दुर्गा मंडप में हिंदुओं और मुस्लिमों ने मिल कर दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी.

विज्ञापन

बेरमो, जवाहरनगर सार्वजनिक दुर्गा मंडप में वर्ष 1962 से दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई. इसमें शिवविलास सिंह, हरगौरी प्रसाद, डॉ नंदी, कांजीलाल, कमलेंदू डे, दास बाबू तथा मुसलिम अली व वकील अहमद का योगदान था. जमशेदपुर के लाली सिंह पूजा व्यवस्थापक होते थे. पूजन कार्य बंगाल के पुजारी कराते हैं. यहां पहले छोटे से शेड में पूजा की जाती थी. 70 के दशक में बड़ा मंडप बना.

जवाहरनगर से ही सटे सुभाषनगर में वर्ष 1965 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है. पहले यहां छोटे से मंडप में तिरपाल टांग कर व चदरा का घेरा बना कर पूजा की जाती थी. यहां पूजा शुरू कराने में डंपर ऑपरेटर रामविलास सिंह, केएम पाठक, राजेंद्र सिंह, रामचंद्र अम्बष्ठ, मिश्रा जी, बोस बाबू आदि की मुख्य भूमिका थी. कोयलांचल के रामनगर में वर्ष 1947-48 से पूजा हो रही है. उस वक्त यहां जयेश्वर सिंह, कृत सिंह, रामपरिखा सिंह आदि ने मिल कर छोटे से मंडप में प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू की थी. 80 के दशक में करगली के पीओ टीएफ खान ने यहां बड़ा मंडप बनवाया था. करगली तीन नंबर धौड़ा में 70 के दशक से दुर्गा पूजा शुरू हुई. वर्ष 73-74 में सीसीएल की मदद से इसे मंडप का रूप दिया गया. यहां पूजा शुरू कराने में पूर्व मुखिया दानी सिंह, अवध सिंह, जनार्दन सिंह, नंदकिशोर सिंह, केदार सिंह, संत राम, रविलाल, सुदर्शन, पितांबर का योगदान रहा था. करगली गेट स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंडप में पूजा की शुरुआत वर्ष 1947 से हुई. यहां पूजा शुरू कराने में गिरिराज भटनागर, नंदलाल, शैलेन बोस, फणी सिन्हा, डी ठाकुर आदि शामिल थे. यहां शुरू से ही तारापीठ शक्तिपीठ के पुजारी पूजा कराते हैं. पिछले डेढ़ दशक से यहां भाजपा नेता विनोद महतो व उनकी टीम आयोजन का जिम्मा संभाल रही है. करगली बाजार स्थित करगली बाजार स्थित नौवाखाली पाड़ा दुर्गा मंदिर में वर्ष 1948 में दुर्गा पूजा की शुरुआत की गयी. वर्ष 1950 से प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाने लगी. यहां पूजा शुरू कराने में रमनी दत्ता, कार्तिक विश्वास, काली कुमार भट्टाचार्य, उमेश चक्रवर्ती, नेपाल दत्ता आदि शामिल थे. सटे ढोरी स्टाफ क्वार्टर में वर्ष 1975 से दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई. यहां पूजा शुरू कराने में एके चक्रवर्ती, पूर्व मंत्री स्व राजेंद्र प्रसाद सिंह, उत्पल घोष आदि की मुख्य भूमिका रही. करगली बाजार स्थित सत्यनारायण मंदिर में वर्ष 1956 से पूजा हो रही है. यहां पूजा शुरू कराने में स्व. रामेश्वर सिंह, स्व. यमुना सिंह, स्व. साधु तिवारी, सत्यनारायण सिंह आदि की मुख्य भूमिका थी. फुसरो बैंक मोड़ स्थित दुर्गा मंडप में वर्ष 1962 से पूजा हो रही है.

तांतरी मानगो दुर्गा मंदिर में वर्ष 1973 से हो रही दुर्गा पूजा

फुसरो. फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग के तांतरी मानगो में स्थित दुर्गा मंदिर में वर्ष 1973 से दुर्गा पूजा हो रही है. यहां के भव्य मंदिर में प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है. समिति की ओर से मंदिर को सजाया गया है. जानकारी की अनुसार मानगो पंचायत के केवट टोला निवासी डॉ कामिनी भट्टाचार्य ने अपने घर में कलश स्थापित कर वर्ष 1971 में दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी. लेकिन 1972 में सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया. इसके बाद मानगो के तत्कालीन मुखिया रामाधार सिंह, तांतरी के तत्कालीन प्रमुख उपेंद्रनाथ मिश्रा, सरपंच प्रद्युम्न मिश्रा, सुशील मिश्रा, कामेश्वरी मिश्रा, हरेंनचंद्र भट्टाचार्य, खगेंद्र भट्टाचार्य, हरभजू केवट, झरी केवट, धनेश्वर मल्लाह आदि ने बैठक कर दुर्गा पूजा करने का निर्णय लिया. तत्कालीन मुखिया रामाधार सिंह ने मानगो-तांतरी सीमा पर स्थित अपनी रैयती भूमि मंदिर के लिए दान दी. सभी ने मिल कर वर्ष 1973 में तिरपाल लगा कर प्रतिमा स्थापित कर दुर्गा पूजा की शुरुआत की. वर्ष 1977 में एक कमरा बनाया गया. इसके जर्जर होने पर वर्ष 2005 में उसे तोड़ कर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया और वर्ष 2009 में भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ. पहले इस मंदिर में जैनामोड़ के पंडित कोकिल नाथ तिवारी अनुष्ठान कराते थे. बाद में उनके पुत्र निखिल चंद्र तिवारी ने वर्ष 2016 तक पूजा की. फिलहाल मंदिर के हर धार्मिक अनुष्ठान तांतरी के कृष्ण मुरारी पांडेय व आचार्य उज्जवल भट्टाचार्य करा रहे हैं. इस वर्ष दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर समिति के अध्यक्ष रवींद्र कुमार मिश्रा, सचिव धीरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष नमीत मिश्रा, उपाध्यक्ष मुकुंद केवट, संरक्षक पूर्व मुखिया निरंजन मिश्रा, बैजनाथ केवट, सहयोगी जगदीश केवट, नकुल केवट आदि लगे हुए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
JANAK SINGH CHOUDHARY

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola