Jharkhand Election: आधी आबादी को इस विधानसभा सीट पर अब आजतक नसीब नहीं हुई जीत
Published by : Nitish kumar Updated At : 20 Oct 2024 12:06 PM
बोकारो विधानसभा क्षेत्र 1977 में अस्तित्व में आया. पहली बार इसी साल बोकारो विधानसभा के नाम से चुनाव हुआ. जिले में सबसे अधिक महिला वोटर बोकारो विधानसभा क्षेत्र में ही है.
Jharkhand Election, बोकारो, सीपी सिंह: बोकारो विधानसभा क्षेत्र 1977 में अस्तित्व में आया. पहली बार इसी साल बोकारो विधानसभा के नाम से चुनाव हुआ. जिले में सबसे अधिक महिला वोटर बोकारो विधानसभा क्षेत्र में ही है. लेकिन, आजतक एक बार भी महिला उम्मीदवार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकी. जबकि, 1977 से अब तक 10 महिलाएं अपनी किस्मत आजमा चुकी हैं. इनमें से नौ की जमानत जब्त हो गयी. राष्ट्रीय दल ने सिर्फ एक बार महिला को उम्मीदवार बनाया. वर्तमान में बोकारो विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या 275487 है.
1977 में बसंती देवी लड़ी थीं निर्दलीय चुनाव
1977 में बसंती देवी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ीं. चुनाव में उन्हें केवल 207 वोट मिला. इसके बाद 1980 व 1985 में किसी महिला ने चुनाव नहीं लड़ा. 1990 में मुमताज खान निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरीं. लेकिन, उन्हें भी लोगों का समर्थन नहीं मिला. मुमताज खान को केवल 202 वोट नसीब हुआ. 1995 में कोई महिला चुनाव नहीं लड़ी. 2000 व 2005 के चुनाव में एक महिला, जबकि 2009 व 2014 के चुनाव में दो-दो महिला चुनावी रण में उतरी. लेकिन, किसी को जनता का साथ नहीं मिला.
गायत्री देवी सबसे अधिक बार लड़ीं
चास निवासी गायत्री देवी ने बोकारो विधानसभा क्षेत्र से सबसे अधिक बार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमायी. 2000 में गायत्री देवी को 522 वोट (निर्दलीय), 2005 में 890 वोट (एसएलपी) व 2009 में 673 वोट (निर्दलीय) प्राप्त हुआ. इसके बाद गायत्री देवी चुनावी रण में नहीं उतरीं.
श्वेता सिंह ने पहले ही चुनाव में छाप छोड़ा
2019 के विधानसभा चुनाव में पहली बार राष्ट्रीय दल ने महिला उम्मीदवार पर विश्वास जताया. कांग्रेस ने दिवंगत समरेश सिंह की पुत्रवधू श्वेता सिंह को उम्मीदवार बनाया. इस रणनीति में कांग्रेस को सफलता तो नहीं मिली, लेकिन श्वेता सिंह ने पहले ही चुनाव में छाप छोड़ा. श्वेता सिंह को 99020 वोट मिले. वह करीबी मुकाबले में भाजपा के बिरंची नारायण से शिकस्त खा गयीं. 2019 के चुनाव में श्वेता सिंह के अलावा जयंती कुमारी को 2226 (निर्दलीय), उमा कुमारी को 914 (निर्दलीय), ललिता देवी को 445 (निर्दलीय) व रेणु कुमारी को 351 वोट (निर्दलीय) मिला.
कब कितनी महिलाओं ने लड़ा चुनाव
| वर्ष | उम्मीदवार | प्राप्त वोट | दल/निर्दलीय |
| 1977 | बसंती देवी | 207 | निर्दलीय |
| 1990 | मुमताज खान | 202 | निर्दलीय |
| 2000 | गायत्री देवी | 522 | निर्दलीय |
| 2005 | गायत्री देवी | 890 | एसएलपी |
| 2009 | गायत्री देवी | 676 | निर्दलीय |
| 2009 | दुर्गा देवी तापड़िया | 285 | निर्दलीय |
| 2014 | ललिता देवी | 744 | निर्दलीय |
| 2014 | सीता देवी | 371 | निर्दलीय |
| 2019 | श्वेता सिंह | 99020 | कांग्रेस |
| 2019 | जंयती कुमारी | 2226 | निर्दलीय |
| 2019 | उमा कुमारी | 914 | निर्दलीय |
| 2019 | ललिता देवी | 445 | निर्दलीय |
| 2019 | रेणु कुमारी | 351 | निर्दलीय |
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