माइंस का निरीक्षण करने पहुंचे डीएमएस और डीजीएमएस से पुरनाटांड़ बस्ती के रैयत व विस्थापित मिले और सुरक्षा के दृष्टिकोण से एएडीओसीएम की हाइवाल माइंस को बंद करने की मांग की. लोगों ने सीसीएल ढोरी प्रबंधन पर मनमाने रवैया का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रख कर माइंस चलायी जा रही है. लालमोहन यादव व राजेश गुप्ता ने कहा कि माइंस आबादी से नजदीक आ गयी है. सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किये जाने के कारण दस दिन पूर्व एक आउटसोर्सिंग मजदूर की मौत हो गयी थी. इससे पूर्व भी उक्त माइंस में ब्लास्टिंग के पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गयी थी.
नियोजन, मुआवजा और पुनर्वास की मांग
बबीता देवी ने कहा कि आबादी से 30-35 मीटर की दूरी पर ही प्रबंधन द्वारा असुरक्षित ढंग से माइंस चलायी जा रही है, जो नियम के विरुद्ध है. हर वक्त भय बना रहता है. प्रबंधन प्रभावित विस्थापितों को नियोजन व मुआवजा देकर पुनर्वास की व्यवस्था कराये. मौके पर मंटू गिरि, त्रिलोकी सिंह, शिव कुमार तांती, भागीरथ प्रसाद करमाली, मोहन यादव, सागर तांती, विनोद तांती, शिव भारत, प्रकाश पंडित, सूरज तांती, सोनू कुमार तुरी, दीपक तुरी, बबिता देवी, बंधनी देवी, लीला देवी, पार्वती देवी, पदमा देवी, अष्टमी देवी, तुलसी देवी, कुमकुम देवी, बीतना तुरी, बाडी तुरी आदि मौजूद थे.
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