ePaper

झारखंड के 13 जिलों के बाल वैज्ञानिक बोकारो में दिखायेंगे प्रतिभा, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस शुरू

Updated at : 08 Dec 2022 9:33 PM (IST)
विज्ञापन
झारखंड के 13 जिलों के बाल वैज्ञानिक बोकारो में दिखायेंगे प्रतिभा, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस शुरू

बोकारो में झारखंड के 13 जिलों के बाल वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. डीपीएस, बोकारो में तीन दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शुरुआत हुई है. इस विज्ञान कांग्रेस में विभिन्न जिलों से पहुंचे 100 से अधिक बाल वैज्ञानिक प्रतिभागियों ने कराया रजिस्ट्रेशन कराया है.

विज्ञापन

Jharkhand News: राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की ओर से प्रायोजित एवं साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (National Children’s Science Congress) गुरुवार को डीपीएस बोकारो में शुरू हुआ. कार्यक्रम के पहले दिन राज्य के 13 विभिन्न जिलों से पहुंचे 100 से अधिक बाल वैज्ञानिक प्रतिभागियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया.

पहले दिन हुआ ओरिएंटेशन प्रोग्राम

पहले दिन निर्णायक मंडली के सदस्यों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम (ओरिएंटेशन प्रोग्राम) हुआ. इसमें सोसाइटी के पदाधिकारियों ने निर्णायकों को बाल विज्ञान कांग्रेस की विषय वस्तु ‘स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना’ के साथ प्रोजेक्ट के मूल्यांकन, इससे संबंधित मापदंडों, विभिन्न तकनीकी पहलुओं एवं उसके आधार पर प्रतिभागियों के चयन के संदर्भ में जानकारी दी.

बच्चों में वैज्ञानिक चेतना और शोध की प्रवृत्ति का विकास आवश्यक : डॉ अली इमाम

साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड के अध्यक्ष डॉ अली इमाम खान ने कहा कि सोसाइटी तत्कालीन बिहार के समय से ही वर्ष 1993 से बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कर रही है. इसका उद्देश्य बच्चों में शोध की प्रवृत्ति का विकास कर उनमें वैज्ञानिक चेतना जागृत की जा सके. बच्चे स्कूली शिक्षा के पारंपरिक दायरे से अलग हटकर नवाचार के साथ शोध में शामिल हों और कुछ नया करें.

Also Read: प्रभात खबर परिचर्चा कार्यक्रम : हजारीबाग में Advocates ने की झारखंड हाईकोर्ट के सर्किट बेंच खोलने की मांग

15 सफल प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होंगे

उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस में सर्वे और प्रयोग के आधार पर रिसर्च एक्टिविटी केंद्र में होती है. इसमें स्कूल की बाध्यता नहीं है. शहरी, ग्रामीण, सीनियर व जूनियर, चार समूहों में आयोजित विज्ञान कांग्रेस में स्कूल से बाहर के बच्चे भी अपने नवोन्मेषी प्रोजेक्ट के साथ शामिल होते हैं. यहां हो रही राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में से लगभग 15 सफल प्रतिभागी विभिन्न वर्गों के लिए राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होंगे.

विज्ञान और तकनीक भविष्य की बुनियाद : एएस गंगवार

सोसाइटी के राज्य समन्वयक सह महासचिव डीएनएस आनंद ने भी बच्चों में वैज्ञानिक सोच के विकास के लिए सोसाइटी की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. आयोजनाध्यक्ष सह मेजबान डीपीएस बोकारो के प्राचार्य एएस गंगवार ने कहा कि विज्ञान और तकनीक भविष्य की बुनियाद है. जब देश का बच्चा-बच्चा वैज्ञानिक सोच से परिपूर्ण होगा, तो निश्चय ही भारत सबसे विकसित देशों की अग्रणी पंक्ति में होगा.

शुक्रवार को वैज्ञानिक सत्र का होगा उद्घाटन

साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड से स्टेट एकेडमिक को-आर्डिनेटर राजेंद्र कुमार, जिला समन्वयक अरुण कुमार सहित पी ज्योतिर्मय, एसके राय, एसपी सिंह, आरके कर्ण, निक्की स्मिता, डीपीएस बोकारो के उप प्राचार्य अंजनी भूषण सिंह, प्रधानाध्यापिका मनीषा शर्मा सहित विभिन्न जिलों के शिक्षकगण उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे वैज्ञानिक सत्र का उद्घाटन होगा.

Also Read: झारखंड के युवाओं को 25 लाख रुपये तक मिलेगा लोन, बेरोजगारी होगी कम, सीएम हेमंत सोरेन ने की घोषणा

रिपोर्ट : सुनील तिवारी, बोकारो.

विज्ञापन
Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola