चास बाजार समिति में चोरों का आतंक, करोड़ों के कारोबार के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बाजार समिति का मुख्य गेट गायब
चास बाजार समिति में करोड़ों का कारोबार होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। गेट गायब और स्ट्रीट लाइट खराब होने से दुकानदार खौफ में हैं।
बोकारो के चास स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति मुख्य व्यावसायिक केंद्र है. वर्तमान समय में इसका सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत लचर और गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है. यहां रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है. जिससे सरकार को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, वहीं दूसरी तरफ यहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे है.
बाजार समिति का मेन गेट टूटा पड़ा है और बरसों से सुरक्षा का कोई अता-पता नहीं है. ऐसे में चोरों के हौसले बुलंद हैं और व्यवसायी डरे-सहमे हैं. हाल के दिनों में इस परिसर में कई चोरी की वारदातों ने प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है.
बाजार समिति जो कभी जिले का सबसे सुरक्षित मंडी था, आज यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. व्यवसायियों ने जिला प्रशासन से मुख्य द्वार पर मजबूत गेट लगाने और 24 घंटे गार्ड की नियुक्ति करने की मांग की है. साथ ही पूरे बाजार परिसर में हाई मास्ट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी मांग की गई है. रात्रि में नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है.
लगातार चोरी होने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
स्थानीय दुकानदार अनिल गोयल , सुशील गर्ग , रंजीत प्रसाद , राम प्रताप गुप्ता सहित अन्य ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं. अगस्त महीने में भी एक दुकान में चोरी की घटना हो चुकी है.
चोरी की शिकायत को लेकर व्यवसायी बाजार समिति सचिव, थाना से लेकर अनुमंडल कार्यालय तक का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है. सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की दिशा में कोई विशेष कार्य नहीं हो रहा है.
रात को कोई भी अनजान व्यक्ति यहां प्रवेश कर सकता है, क्योंकि कई जगहों पर बाउंड्री टूटा हुआ है. रात होते ही यहां अंधेरा छा जाता है, स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी है. जिससे चोरी होने का खतरा बना रहता है. दुकानदारों ने कहा कि हमलोग रोजाना लाखों का माल दुकान में छोड़कर जाते हैं. रात में यहां कोई पहरेदार नहीं होता, हम लोग पूरी रात चिंता में रहते हैं.
राजस्व करोड़ों में लेकिन सुविधा शून्य
चास बाजार समिति बोकारो जिले की सबसे बड़ी थोक मंडियों में से एक है. यहां अनाज और किराना का रोजाना करोड़ों का कारोबार होता है. बाजार समिति शुल्क के रूप में सरकार को प्रतिदिन लाखों का राजस्व प्राप्त होता है.
व्यवसायियों का कहना है कि जब सरकार को इतना राजस्व मिल रहा है तो सुरक्षा के नाम पर एक गेट और एक दरबान तक क्यों नहीं दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि बाजार समिति परिसर में पहले बैंक भी हुआ करता था जिससे लोगों को कारोबार करने में मदद होती थी. वर्तमान समय में बैंक को बंद कर दिया गया. कई बार बैंक को फिर से चालू करने की मांग की गई लेकिन सर्फ आश्वासन ही मिला है.
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