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जेओ-2022 के परिणाम की सीबीआइ कर रही जांच, अब 2024 के परिणाम पर आपत्ति

Updated at : 13 Aug 2024 11:03 PM (IST)
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जेओ-2022 के परिणाम की सीबीआइ कर रही जांच, अब 2024 के परिणाम पर आपत्ति

बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) ने बीएसएल निदेशक प्रभारी व अधिशासी निदेशक-मानव संसाधन को लिखा पत्र, कहा : मात्र 81 कर्मियों का रिजल्ट घोषित, 28 सीट रह गयी रिक्त

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बोकारो. बोकारो स्टील प्लांट में जूनियर अधिकारी (जेओ) -2022 के परिणाम की सीबीआइ जांच कर रही है. अभी कुछ दिनों पहले हीं यह मामला काफी चर्चा में रहा था. मामले में सीबीआइ ने आधा दर्जन से अधिक कर्मियों पर एफआइआर किया है. इस बीच 10 अगस्त को जेओ-2024 का परिणाम आया. इसमें 81 कर्मचारी जूनियर ऑफिसर बने हैं. अब जेओ-2024 के परिणाम पर भी आपत्ति जतायी जा रही है. बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) ने मंगलवार को जूनियर अधिकारी 2024 के परिणाम पर अपनी आपत्ति दर्ज करायी है. बीएसएल निदेशक प्रभारी व अधिशासी निदेशक मानव संसाधन को पत्र लिखकर इंसाफ की मांग की है.

हर बार जूनियर अधिकारी के परिणाम में सौतेलापन व्यवहार : रामाश्रय

यूनियन के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि बीएसएल के मजदूरों के साथ हर बार जूनियर अधिकारी के परिणाम में सौतेलापन व्यवहार हो रहा है. लिखित परीक्षा का परिणाम भी बोकारो के लिए संतोषजनक नहीं था. लिखित परीक्षा के लिए 1:3 के अनुपात में रिजल्ट होना चाहिए था. लेकिन, बोकारो में मात्र 109 मजदूरों का ही रिजल्ट घोषित हो पाया, जो संदेह के घेरे में है.

साक्षात्कार के बाद बोकारो को लगभग 109 सीट मिलनी चाहिए थी

श्री सिंह ने कहा कि साक्षात्कार के बाद बोकारो को लगभग 109 सीट मिलनी चाहिए थी. सेल द्वारा जारी सर्कुलर प्रकाशित होने के महीने के पहले दिन के अनुसार एस-6 व एस 11 ग्रेड में कार्यरत कर्मियों का 2% रिजल्ट आना था. सर्कुलर के पारा नंबर 5.5 में यह भी दर्ज है कि अगर टेक्निकल में लिखित परीक्षा में कम उम्मीदवार पास करते हैं, तो उन्हें नॉन टेक्निकल उम्मीदवार, जो लिखित परीक्षा पास किये हैं, उनसे भरा जायेगा. दूसरी तरफ नॉन टेक्निकल में लिखित परीक्षा में कम उम्मीदवार पास करते हैं तो उसे टेक्निकल उम्मीदवार, जो लिखित परीक्षा में पास किये हैं, से भरा जायेगा. लेकिन, ऐसा नहीं हुआ.

परीक्षा परिणाम की उच्च स्तरीय जांच कर बचे हुए सीटों को भरने की मांग

श्री सिंह ने कहा कि सेल ने अपने ही सर्कुलर का उल्लंघन किया है. मनमानी ढंग से मात्र 81 उम्मीदवारों का रिजल्ट घोषित किया गया और 28 सीट रिक्त छोड़ दिया गया. कहा कि जब सीट को भरना ही नहीं तो जेओ की परीक्षा क्यों लिया गया. यूनियन ने मांग की कि इसकी उच्च स्तरीय जांच कर बची हुई सीटों को भरा जाय और बोकारो स्टील के मजदूरों के साथ इंसाफ किया जाय. परीक्षा के परिणाम से कर्मियों में हताशा व निराशा का माहौल है, जो प्लांट हित में नहीं है.

29 मई 2024 को जेओ की लिखित परीक्षा में 503 कर्मी हुए थे शामिलयहां उल्लेखनीय है कि जेओ-2024 के परिणाम के अनुसार, बीएसएल के 81 कर्मचारी जूनियर ऑफिसर बने हैं. जूनियर ऑफिसर परीक्षा का रिजल्ट 10 अगस्त को घोषित हुआ. जेओ की लिखित परीक्षा 29 मई 2024 को बोकारो सहित पूरे देश में 11 परीक्षा केंद्रों पर हुई थी. बीएसएल से इस पद के लिए 503 कर्मचारी परीक्षा में शामिल हुए थे. लिखित परीक्षा में बीएसएल के 109 कर्मी सफल हुए थे. साक्षात्कार के बाद 81 कर्मचारियों को प्रोन्नत किया गया. परीक्षा में बीएसएल सहित झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस के कर्मी शामिल हुए थे. परीक्षा के लिये तीन केंद्र दो बोकारो में और एक धनबाद में निर्धारित किये गये थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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