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बोकारो की यू-ट्यूबर नगिना शर्मा लोगों को सीखा रही बागवानी का गुर, सवा लाख से अधिक है सब्सक्राइबर

बोकारो की रिटायर्ड टीचर नगीना शर्मा 'बोकारो गार्डेन' के माध्यम से लाखों लोगों को बागवानी का गुर सीखा रही है. यू-ट्यूब पर नगीना का सवा लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं. इनकी बागवानी में 700 से ज्यादा पेड़-पौधे हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news: बाेकारो यू-ट्यूबर नगिना शर्मा के घर में लगे फल-फूल के पौधे.
Jharkhand news: बाेकारो यू-ट्यूबर नगिना शर्मा के घर में लगे फल-फूल के पौधे.
प्रभात खबर.

Jharkhand news: बोकाराे जिला अंतर्गत सेक्टर-5B के क्वार्टर नंबर 3068 में रहने वाली 70 वर्षीय नगिना शर्मा इनदिनों यू-ट्यूब पर लाखों लाेगों को बागवानी की गुर सीखा रही है. फिलहाल, यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से अपने 1.15 लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर को बागवानी का पाठ पढ़ा रही है. नगिना ने 29 सालों तक बोकारो स्टील प्लांट की ओर से संचालित विभिन्न स्कूलों में बतौर टीचर काम किया. वर्ष 2011 में रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपना समय गार्डनिंग में लगाना शुरू किया और आज इस मुकाम पर पहुंची है.

Jharkhand news: यू-ट्यूब की ओर से प्राप्त सिल्वर बटन के साथ नगिना शर्मा और पति एमडी ठाकुर.
Jharkhand news: यू-ट्यूब की ओर से प्राप्त सिल्वर बटन के साथ नगिना शर्मा और पति एमडी ठाकुर.
प्रभात खबर.

'बोकारो गार्डेन' से लोगों को दे रही जानकारी

नगिना शर्मा बताती हैं कि साल 2016 से अपने बगान में बागवानी कर रही है. करीब 1000 वर्ग के बगान में वह ऑर्नामेंटल (सजावटी) पौधों के साथ-साथ फल, फूल और मौसमी सब्जियां भी उगा रही हैं. उनका कहना है कि उनके घर की बहुत सी जरूरतें, उनके गार्डन से ही पूरी हो जाती है. इसके साथ ही वह अपने यूट्यूब चैनल 'बोकारो गार्डेन' के माध्यम से लोगों को बागवानी से संबंधित जानकारी भी दे रही है.

बचपन से ही पेड़-पौधों के बीच पली-बढ़ी

नगिना ने 29 सालों तक बोकारो स्टील प्लांट की विभिन्न स्कूलों में बतौर टीचर काम किया. वहीं, वर्ष 2011 में रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपना पूरा समय गार्डनिंग में लगाना शुरू किया. कहती हैं कि मेरे घर में पेड़-पौधे हमेशा से रहे हैं. पहले उनकी देखभाल में ज्यादा शामिल नहीं होती थी. लेकिन, रिटायरमेंट के बाद मुझे काफी समय मिलने लगा. उन्होंने कुछ पेड़-पौधे नर्सरी से लिए, तो कुछ खुद बीजों से उगाये. उन्होंने ‘हॉबी’ के तौर पर कुछ सब्जियों से शुरुआत की और फिर इसमें दिलचस्पी बढ़ती चली गयी.

यू-ट्यूब की ओर से मिला सिल्वर बटन

लोगों को बागवानी से संबंधित जानकारी देने के लिए नगिना शर्मा ने अपना यूट्यूब चैनल 'बोकारो गार्डेन' को 8 अक्तूबर, 2016 को शुरू किया. पहले शो का विषय था : लक्की बंबू. एक लाख सब्सक्राइबर का लक्ष्य 15 जून, 2021 को पूरा हुआ. इसके लिए श्रीमती शर्मा को यू-ट्यूब की ओर से सिल्वर बटन देकर सम्मानित किया गया. आज उनके 1.15 लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. अब वह यू-ट्यूब के माध्यम से दो लाख से अधिक रुपये कमा चुकी है. हर रविवार को दोपहर तीन बजे सब्सक्राइबर की समस्या और पौधों की देखभाल को लेकर नियमित रूप से टिप्स देती है.

बगान में आज लगभग 700 से ज्यादा पेड़-पौधे

नगिना शर्मा की बगान में आज 700 से ज्यादा पेड़-पौधे हैं. कहा कि गार्डन में मौसमी सब्जियां जैसे धनिया, पुदीना, शिमला मिर्च, बैंगन, घिया, कद्दू, तोरई, हरी मिर्च, टमाटर, ब्रोकली, फूलगोभी, पत्ता गोभी, मूली, गाजर, मटर आदि लगाती है. इसके साथ ही उन्होंने तुलसी, पुदीना, गुड़हल, गुलाब और अन्य कई तरह के रंग-बिरंगे फूल (गुलाब, गार्डेनिया, जैसमिन, नाइट क्वीन) वाले पौधे के साथ-साथ दर्जनों प्रकार के शो प्लांट व औषधीय पाधे भी लगाए हुए हैं. उनके गार्डन में आपको आम, चीकू, केला, अमरूद, अंजीर, पपीता, संतरा, अनार, लीची जैसे फलों के पेड़ भी मिल जायेंगे.

BSL के पूर्व एजीएम पति एमडी ठाकुर का सहयोग

नगिना शर्मा ने बताया कि उनकी पड़ोसी रंजना ने उन्हें यू-ट्यूब चैनल शुरू करने के लिए प्रेरित किया था. साथ ही बेटी ममता (एमएससी-एग्रीकल्चर) से तकनीकी जानकारी मिली. NHPC, फरीदाबाद में DGM रैंक के पद पर कार्यरत पुत्र कुंदन कुमार ने अमेजन से पौधा उपलब्ध कराने सहित कई तरह से सहयोग किया. श्रीमती शर्मा बीएसएल के ईटीबी विभाग के एजीएम के पद से रिटायर्ड एमडी ठाकुर की पत्नी है. उन्होंने कहा कि समय-समय पर पति का भरपूर सहयोग मिलता रहता है. साथ ही नाती आयुष कुमार और अर्णव कुमार भारद्वाज भी मदद कर हैं. सबके सहयोग से ही यह संभव हो पाया है.

2020 में जनवरी से 'हैप्पी लाइफ विथ बोकारो गार्डेन' शुरू

'बोकारो गार्डेन' के माध्यम से लोगों को पौधे लगाने से लेकर उनकी देखभाल तक की जानकारी विस्तार से दी जाती है. जैसे कब पानी डालना है और कब खाद और कब कटाई-छटांई करनी है आदि. उन्होंने सब्सक्राइबर के अनुरोध पर वर्ष 2020 में जनवरी से 'हैप्पी लाइफ विथ बोकारो गार्डेन' शुरू किया है. जिसपर वह अपने विचार और रिसर्च को शेयर करती है. इसमें धर्म-अध्यात्म, आचार बनाने के तरीके, कविता, वास्तु शास्त्र के साथ-साथ लोगों को खुश रहने का गुर भी सिखाया जाता है. इसमें औषधीय पौधे (अश्वगंधा, पत्थरचट्टा, इंसुलिन प्लांट आदि) की जानकारी भी दी जाती है.

मन को भी काफी सुकून और शांति देती है बागवानी

नगिना शर्मा ने बागवानी के प्रति रुचि रखने रखने वालों लोगों को संदेश में कहा कि आपको सिर्फ यह ध्यान रखना है कि गार्डनिंग का कोई शॉर्टकट नहीं है. आपने इन्हें लगाया और पौधे आ गये. ऐसा नहीं होता है. इसलिए धैर्य से काम लें. अपने पौधों की देखभाल करें. पौधों को बड़ा होने तथा उनपर फूल या सब्जियां लगने में वक्त लगता है. कई बार असफलता भी मिलती है. लेकिन, आप मायूस न हों क्योंकि जितना आप गार्डनिंग करते हैं. उतना ही आप पेड़-पौधों को समझने लगते हैं. बागवानी करने से सिर्फ हरियाली नहीं बढ़ती है, बल्कि यह आपके मन को भी काफी सुकून और शांति देती है.

रिपोर्ट : सुनील तिवारी, बोकारो.

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