हुनर को मिला जब बोकारो स्टील का साथ, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े मातृशक्ति के हाथ

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29 | Prabhat Khabar Network

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बीएसएल के बोकारो हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र से 380 से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं। जूट और बांस के हुनर से मिल रहा है सम्मानजनक रोजगार का अवसर।

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बोकारो: सेल-बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) की ओर से निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत संचालित बोकारो हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र, सेक्टर-2 स्थानीय महिलाओं व युवाओं के कौशल विकास का एक अत्याधुनिक केंद्र है.

यहां ग्रामीण व परिधीय क्षेत्रों की महिलाओं को जूट, बांस, जलकुंभी जैसी स्थानीय सामग्रियों से उत्कृष्ट हस्तशिल्प, सिलाई और दस्ताने बनाने का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाया जा रहा है. स्थापना से अब तक सैकड़ों स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोज़गारपरक प्रशिक्षण दिया जा चुका है. 630 से अधिक कुशल शिल्पकार तैयार किया गया है.

जलकुंभी और बांस जैसी प्राकृतिक व पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं से आकर्षक कलाकृति सशक्त महिला स्वरोजगार के तहत 380 से अधिक प्रशिक्षित महिलाएं आत्मनिर्भर होकर सम्मानजनक मासिक आय अर्जित कर रहीं. सस्टेनेबल और ग्रीन विलेज इंडस्ट्री के तहत जलकुंभी और बांस जैसी प्राकृतिक व पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं से आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया जा रहा है.

‘वन रूफ’ एकीकृत मॉडल के तहत एक ही छत के नीचे अत्याधुनिक प्रशिक्षण, इन-हाउस कच्चे माल की आपूर्ति और सजीला शो-रूम सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. विशेषज्ञ पाठ्यचर्या व प्रमाणन के तहत राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा तैयार उच्च गुणवत्तायुक्त व्यावहारिक कोर्स कराया जा रहा है.


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Sunil Kumar Tiwari

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By Sunil Kumar Tiwari

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