चास, चास शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में बांग्ला विधि के अनुसार गुरुवार को सुहागिनों ने सिंदूर खेल कर मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई दी. चास पुराना बाजार स्थित बड़ा दुर्गा मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर, बड़कुल्ही, आइटीआइ, सोलागीडीह, चेकपोस्ट दुर्गा मंदिर, चास प्रखंड के कोलबेंदी, पुपुनकी, ब्राह्मण द्वारिका, कालापत्थर सहित विभिन्न मंदिर में सिंदूर खेला का आयोजन हुआ. इस दौरान बारिश भी हो रही थी लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे पानी बाधा नहीं बनी. सभी मंदिरों में भीड़ थी. मां दुर्गा को पान के पत्ते से सुहागिनों ने सिंदूर लगाया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अपने पति की लंबी उम्र के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की. सिंदूर खेला के बाद पुराना बाजार चास के सभी मंदिरों के श्रद्धालुओं ने गाजे- बाजे के साथ ढाक की ताल पर नाचते-गाते भोलूर बांध में नवपत्रिका का विसर्जन किया. महिला और युवतियों ने बंगला गीतों पर नृत्य किया. जोय दुर्गा मां के जयकारे से पूरा चास बाजार गुंजायमान रहा. वहीं रात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया. विसर्जन में सिद्धार्थ दे, दीपक दे, नेपाल दे, गोपाल दे, अनाथ बंधु दे, दिलीप दे, राजू मोदक, पन्नालाल कांदू, बुद्धेश्वर घोषाल, बंकू बिहारी सिंह, जितेन दत्ता, अक्षय घोषाल, लक्ष्मीकांत पाल, देबू पाल, विकास मोदक, राजेश घोषाल, अमर स्वर्णकार, धनंजय झंटू, अर्जुन, शंकर, काली आचार्य, विमल, पीयूष सहित अन्य उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

