Bokaro News: वेदांता फील्ड केयर अस्पताल : वर्षों से ताले में बंद है करोड़ों की मशीन, सेक्टरवासियों को नहीं मिला लाभ

Bokaro News: सेक्टर छह ए में बीएसएल के बंद स्कूल को वर्ष 2022 में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बनाया था अस्पताल, डीएमएफटी से 10 चिकित्सकों की हुई थी बहाली, सदर अस्पताल में कर दी गयी प्रतिनियुक्ति.
रंजीत कुमार, बोकारो, बोकारोवासियों को स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सुविधा मिले. इसे लेकर सेक्टर छह ए में बीएसएल के बंद स्कूल को वर्ष 2022 में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अस्पताल का रूप दिया. नाम रखा वेदांता फील्ड केयर हॉस्पिटल. करोडों रुपये (100 बेड, आक्सीजन कंस्ट्रेंटर, पोरटेबल वेंटीलेटर सहित कई तरह की मशीनें के अलावा ऑक्सीजन प्लांट) की मशीनें इंस्टॉल की गयी. सभी मशीन बंद ताले के पीछे धूल फांक रही हैं. आक्सीजन प्लांट को कभी-कभार चला कर जांच ली जाती है कि स्थिति कैसी है. ऑक्सीजन प्लांट के आसपास झाड़ियों का साम्राज्य बनता जा रहा है. जुलाई 2022 में डीएमएफटी से 10 चिकित्सकों की बहाली की गयी, पर सभी को फील्ड केयर की जगह सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्ति कर दी गयी. यहां भी बोकारोवासियों को डीएमएफटी के विशेषज्ञ चिकित्सकों का पूरा-पूरा लाभ नहीं मिला. ड्यूटी रोस्टर ऐसा बनी कि एक-एक कर सभी चिकित्सक विभाग को छोड़ कर चले गये.
अस्पताल से 70 हजार लोगों को लाभ पहुंचाना था लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को संचालित करने की बात कही गयी थी. बताया गया था कि यहां केवल स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक ही सेवा देंगे. अस्पताल से सेक्टर छह, सेक्टर पांच, सेक्टर 11, सेक्टर आठ, सेक्टर नौ, सेक्टर चार, भतुआ, परसाबेड़ा, पुपुनकी, चीरा चास सहित आसपास रहनेवाले लगभग 70 हजार लोग जुड़ेंगे. अस्पताल में सभी तरह का ऑपरेशन, सामान्य व सिजेरियन डिलिवरी तक करायी जायेगी. कई तरह के सामान रखे गये. कोरोनाकाल में लोगों को बचाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया. प्रथम व द्वितीय तल के इनडोर में दाखिल करने के लिए 100 बेड रखा गया. सभी बेड यूं ही पड़े हुए हैं.
फिलहाल अस्पताल में शहरी स्वास्थ्य केंद्र की चल रही है ओपीडी सेवा
फिलहाल अस्पताल में शहरी स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी सेवा चल रही है. इसमें दो चिकित्सक, एक लैब तकनीशियन, एक एएनएम व एक सहायक को पदस्थापित हैं. रोजाना 20 से 25 लोग ओपीडी सेवा का लाभ लेते हैं. इसके बाद कोई अन्य सेवा मरीजों को नहीं मिलती है. स्पेशलिस्ट की सेवा के लिए मरीजों को सदर अस्पताल भेजा जाता है.पीपीपी मोड में चलाने की कोशिश भी हुई फेल
वेदांता फील्ड केयर अस्पताल को पीपीपी मोड में चलाने की काशिश हुई. इसे लेकर चार जुलाई 2022 को जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीम ने जिले में चल रहे निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक की. सभी संचालकों को अस्पताल का भ्रमण कराया गया. इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराते जिला प्रशासन से अनुबंध पर लेकर अस्पताल को शुरू करने को कहा गया. यह भी कहा गया कि सबकुछ ठीक रहने पर निजी संचालकों को जिला प्रशासन से आगे का अनुबंध मिलता रहेगा. इसके बाद भी किसी संचालक ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी.इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की हुई थी डीएमएफटी से बहाली
वेदांता फील्ड केयर हॉस्पिटल के लिए डीएमएफटी से बहाल 10 चिकित्सकों में डॉ शिवानी दास – स्त्री रोग (विशेषज्ञ), डॉ दीपक कुमार – जनरल सर्जन (विशेषज्ञ), डॉ अंकिता सरकार – डायटीशियन (विशेषज्ञ), डॉ स्मृति चौधरी – चर्म रोग (विशेषज्ञ), डॉ श्वेता मिंज – दंत रोग (विशेषज्ञ), डॉ मनोज कुमार – न्यूरोलॉजी (सुपर स्पेशल), डॉ राजेश झा – हृदय रोग (सुपर स्पेशल), डॉ ज्ञान रंजन – अर्थोपेडिक (विशेषज्ञ), डॉ नीति रानी वर्मा – इएनटी (विशेषज्ञ), डॉ नीहित परिजाद – नेत्र रोग (विशेषज्ञ) शामिल हैं. सभी चिकित्सक एक-एक कर अस्पताल छोड़ कर चले गये. कुछ अनुबंध के आधार पर बोकारो में कार्यरत है, तो कुछ निजी अस्पताल में सेवा दे रहे हैं.
बोले सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ एबी प्रसाद ने कहा कि वेदांता फील्ड केयर अस्पताल में सेवा शुरू करने को लेकर मुख्यालय से पत्राचार किया गया है. एचआर (ह्यूमन रिसोर्स) का इंतजार किया जा रहा है. इसके बाद सभी सुविधाएं जल्द शुरू हो जायेगी. फिलहाल सामान्य प्रसव शुरू किया जायेगा.
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