Bokaro News: एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रयाग का नहीं आया कोई अपना, दो अन्य के साथ पुलिस ने दफनाया

Updated at : 26 Apr 2025 10:58 PM (IST)
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Bokaro News: एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रयाग का नहीं आया कोई अपना, दो अन्य के साथ पुलिस ने दफनाया

Bokaro News: 21 अप्रैल को मुठभेड़ में मारे गये थे प्रयाग दा, तालो दी व रंजू मांझी, पांच दिनों से मोर्चरी में रखा था शव, पांच नक्सलियों के शव ले गये परिजन

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बोकारो, 21 अप्रैल को ललपनिया थाना क्षेत्र के लुगु पहाड़ी में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में मारे गये एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रयाग मांझी उर्फ विवेक, सक्रिय माओवादी तालो दी व रंजू मांझी उर्फ संथाली का शव शनिवार को बोकारो से ललपनिया पुलिस ले गयी. अभी तक तीनों के शव के लिए किसी परिजन के सामने नहीं आने के कारण पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया के साथ तीनों को दफना दिया गया.

सनद रहे कि इस प्रक्रिया से पूर्व ललपनिया पुलिस मारे गये तीनों नक्सलियों के गांव गयी और उनके परिजनों से मिल कर शवों के शिनाख्त का प्रयास किया था. पुलिस के अनुसार इस दौरान किसी के भी परिजन ने शव की पहचान को लेकर किसी तरह की पहल नहीं की. इस कारण मुठभेड़ के छठे दिन बोकारो एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर बोकारो पुलिस ने ललपनिया थाना पुलिस के साथ मिल कर शव को दफना दिया.

मुठभेड़ में मारे गये थे आठ नक्सली

जानकारी हो कि मुठभेड़ के दौरान आठ नक्सली मारे गये थे. इसके बाद उनमें से चार के शवों को बोकारो जनरल अस्पताल व अन्य चार के शवों को चास अनुमंडल अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया गया था. इनमें से पांच नक्सलियों के शव को उनके परिजन ले गये, जबकि इनामी नक्सली सीसीएम सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ फुचना उर्फ नागो मांझी उर्फ करण दा उर्फ लेतरा (पिता स्व चरकु मुर्मू, धनबाद जिले के टुंडी थाना स्थित दलुबुढा गांव), सक्रिय माओवादी तालो दी (नक्सली बिनोद की बहन व पिता सोनाराम हांसदा, गिरिडीह जिला के निमियाघाट थाना स्थित बंदखारो गांव) व सक्रिय माओवादी रंजू मांझी उर्फ संथाली (पति पवन मांझी, गिरिडीह जिला के डुमरी थाना स्थित मंझलाडीह) का शव लेने कोई नहीं आया.

छठे दिन भी नक्सलियों के शव को लेने किसी का परिजन नहीं आया : एसपी

इस संबंध में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने कहा कि मोर्चरी में रखे तीन नक्सलियों (प्रयाग मांझी, तालो दी व रंजू मांझी) के शव को शनिवार को डिस्पोजल कर दिया गया. छठे दिन भी तीनों मृत नक्सलियों के शव को लेने किसी का परिजन नहीं आया.

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ANAND KUMAR UPADHYAY

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