Bokaro News : मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता में लापरवाही बन सकती है जानलेवा

Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 27 May 2025 11:28 PM

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Bokaro News : मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर विशेष : 70 प्रतिशत महिलाओं में मासिक के दौरान साफ-सफाई को लेकर जागरूकता की कमी

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रंजीत कुमार, बोकारो, मासिक धर्म या पीरियड्स एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है. यह कुदरती है. मासिक धर्म से गुजरनेवाली महिलाएं या युवतियों को हाइजीन का खास ध्यान रखना चाहिए. साफ-सफाई व स्वच्छता में लापरवाही जानलेवा बीमारियों काे आमंत्रित कर सकता है. महिला चिकित्सकों के अनुसार शिक्षित होने के बाद भी 70 प्रतिशत महिलाओं में साफ-सफाई व पैड को लेकर जागरूकता की कमी है. महिलाओं को जागरूक के लिए हर वर्ष 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है. मासिक धर्म के दौरान सफाई का ध्यान नहीं रखने पर कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. कई बार यह बीमारियां जानलेवा साबित हो सकती हैं. इसलिए सभी को जागरूक रहने की जरूरत है.

डॉ मीता व डॉ अनुप्रिया महिलाओं को कर रहीं जागरूक

मिशन पिंक हेल्थ की स्टेट वाइस चेयरमैन सह आइएमए चास की पूर्व अध्यक्ष डॉ मीता सिन्हा व आइएमए चास की पूर्व सचिव डॉ अनुप्रिया पंकज ने पांच मई, 2019 को बोकारो में मिशन पिंक हेल्थ की शुरुआत की. अभियान का मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म के दौरान महिलाओं व युवतियों में आनेवाली परेशानियों से निजात दिलाना है. अभियान की गति कोरोनाकाल में भी नहीं थमी. लगभग छह साल में अब (मई 2025 के तीसरे सप्ताह) तक बोकारो जिला के सभी सरकारी व निजी स्कूलों सहित स्लम एरिया की लगभग तीन लाख महिलाओं व युवतियों तक अभियान पहुंचाया. डॉ सिन्हा व डॉ पंकज ने खुद के पैसे व साथी के सहयोग से युवतियां एवं महिलाओं के बीच हजारों सेनेटरी पैड, आयरन व विटामिन टेबलेट का वितरण किया.

किसी भी हाल में नहीं करें कपड़े का इस्तेमाल

चास अनुमंडल अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ रश्मि मेधा व को-ऑपरेटिव कॉलोनी कृष्णा नर्सिंग होम की डॉ अन्नया प्रसाद भी महिलाओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक कर रहीं हैं. अपने पैसे खर्च कर गाड़ी में सैनेटरी पैड की बंडल रखती है. जहां भी सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य कैंप लगता है. महिलाओं व लड़कियों से संपर्क कर सैनेटरी पैड बांटती है. डॉ मेधा व डॉ प्रसाद ने कहा कि महिलाएं खुलकर पीरियड्स से संबंधित बातें नहीं करती हैं. ऐसे में पैड के चयन में गंभीरता नहीं बरत पाती है. कपड़े का उपयोग करती है. जो हानिकारक है.

सेनेटरी पैड पहनने के फायदे, महिलाओं को संक्रमण से बचाने में मदद करता है. आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. पैड का उपयोग करने पर महिलाएं अपने आप को साफ व स्वच्छ रख सकती हैं. कपड़े के पैड की अपेक्षा सेनेटरी पैड का उपयोग अधिक सुरक्षित होता है. प्रयोग महिलाओं के लिए बहुत ही आसान होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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