Bokaro News : हथिया पत्थर : दामोदर की गोद में बसा रहस्य व आस्था का अद्भुत संगम

Updated:
विज्ञापन
Bokaro News : हथिया पत्थर : दामोदर की गोद में बसा रहस्य व आस्था का अद्भुत संगम

Bokaro News : बोकारो के पिकनिक स्पॉट : दामोदर नदी के बीचों-बीच हाथी जैसी आकृति वाला पत्थर वर्षों से है आकर्षण का केंद्र, मकर संक्रांति पर लगता है मेला.

विज्ञापन

दीपक सवाल, कसमार, बोकारो जिले में जैनामोड़-फुसरो मुख्य मार्ग पर, फुसरो शहर से कुछ ही दूरी पर पिछरी के निकट स्थित हथिया पत्थर उन दुर्लभ स्थलों में से है, जहां प्रकृति, आस्था, रहस्य और लोक कथाएं एक साथ जुड़ती हैं. दामोदर नदी के बीचों-बीच हाथी जैसी आकृति वाला विशाल पत्थर वर्षों से लोगों का आकर्षण बना हुआ है. दूर से गुजरने वाला हर यात्री इसकी भव्यता देखकर ठहर जाने को मजबूर हो जाता है. मकर संक्रांति के दिन यहां लगने वाला मेला बोकारो के सबसे लोकप्रिय मेलों में गिना जाता है. उस दिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर दामोदर में स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. मान्यता है कि सच्चे भाव से की गयी प्रार्थना अवश्य पूरी होती है. नदी के दाहिनी ओर श्रद्धालुओं ने एक मंदिर और शेड का भी निर्माण कराया है, जिससे पूजा व्यवस्था अब व्यवस्थित दिखती है. दिसंबर और जनवरी महीने में यह स्थल पिकनिक स्पॉट के रूप में भी तब्दील हो जाता है. आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग परिवार और मित्रों के संग यहां पिकनिक मनाने आते हैं. स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार, किसी समय एक राजा अपनी बारात के साथ दामोदर पार कर रहे थे. प्रबल प्रवाह रुकवाने के लिए उन्होंने नदी देवता से वचन दिया कि विवाह के बाद लौटकर वे पशु बलि चढ़ाएंगे. कहा जाता है कि लौटने पर राजा वचन भूल गए और नदी देवता के अपमान पर पूरी बारात राजा, दूल्हा-दुल्हन, हाथी, घोड़े और नगाड़ची पत्थर में बदल गए. आज भी नदी के बीच मौजूद बड़े-छोटे पत्थरों की आकृति से उस दृश्य का आभास मिलता है. करीब डेढ़ शताब्दी से यहां पूजा होती आ रही है और मनोकामना पूरी होने पर हथिया पत्थर पर नए वस्त्र चढ़ाने की प्रथा प्रचलित है. दर्शन के लिए लोग सालों भर आते हैं और मकर संक्रांति के दौरान यहां की भीड़ और उल्लास देखने लायक होता है. यात्री और ग्रामीण लगातार मांग कर रहे हैं कि हथिया पत्थर को आधिकारिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, क्योंकि इसकी ऐतिहासिकता और प्राकृतिक आकर्षण इसे बोकारो की धरोहरों में विशेष स्थान दिलाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Anand Kumar Upadhyay

लेखक के बारे में

By Anand Kumar Upadhyay

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola