रंजीत कुमार, बोकारो, अमन साहू का पलामू के चैनपुर में एनकाउंटर करनेवाले एटीएस डीएसपी डॉ प्रमोद कुमार सिंह उर्फ पीके सिंह का बोकारो से पुराना नाता है. बोकारो जिले में वर्ष 2006 में नावाडीह थाना के प्रभारी बने. इसके बाद बीएस सिटी थाना की कमान संभाली. उनके कमान संभालते ही जिले के कई वांछित अपराधी जिला छोड़ गये थे. पीके सिंह का नाम ही अपराधियों को शांत करने के लिए काफी है. फिलहाल डॉ पीके सिंह का आवास बोकारो जिला के सेक्टर तीन में है.
बोकारो में पीके सिंह का नाम ही काफी था. पीके सिंह ने जिस थाना की कमान संभाली अपराधी उस थाना क्षेत्र छोड़ कर दूसरी जगहों पर चले गये. पीके सिंह ने पोस्टिंग के दौरान ही कहा था कि वह जहां रहेंगे, अपराधी उनके नाम से कांपेंगे. कुछ ही दिनों में अपराधियों के लिए खौफ का पर्याय बन गये. कई अपराधियों का पीके सिंह ने एनकाउंटर किया. इसके बाद उनको एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहा जाने लगा.1994 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं डॉ प्रमोद
डॉ प्रमोद कुमार सिंह 1994 बैच के सब इंस्पेक्टर रहे हैं. पलामू के चैनपुर में थाना प्रभारी भी रहे हैं. साल 2003-04 में चैनपुर के थानेदार रहते हुए प्रमोद सिंह ने घटनास्थल के महज कुछ की दूरी पर ही तीन सड़क लुटेरों का एनकाउंटर किया था. पीके सिंह धनबाद जिले के बैंक मोड़ थाना प्रभारी रहे हैं. वर्ष 2022 में बैंक मोड़ में मुथूट फाइनेंस में अपराधियों ने डाका डालने की कोशिश की थी, तब पीके सिंह ने ही उन डकैतों को एनकाउंटर में मार गिराया था.डॉ प्रमोद फिलहाल एटीएस में है डीएसपी
पीके सिंह का नाम विवादों से भी जुड़ा. धनबाद के इस्ट बसुरिया मर्डर केस के पीड़ित लोग जब न्याय व मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन कर रहे थे, तब पीके सिंह ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया था. इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक से की गयी थी. प्रमोशन होने के बाद प्रमोद कुमार सिंह फिलहाल एटीएस में डीएसपी हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

