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Bokaro News : गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से होता है सर्वाइकल कैंसर

Updated at : 08 Oct 2025 11:12 PM (IST)
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Bokaro News : गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से होता है सर्वाइकल कैंसर

Bokaro News : नारी क्लिनिक में कैंसर जागरूकता पर कार्यशाला का आयोजन, कैंसर का निदान तब किया जा सकता है, जब महिला 50 के आसपास होती है.

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बोकारो, आइटीआइ मोड़ चास स्थित नारी क्लिनिक में बुधवार को कैंसर जागरूकता पर कार्यशाला हुआ. उद्घाटन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ रश्मि मेधा, डॉ अनन्या प्रसाद, डॉ सौरव सांख्यान ने संयुक्त रूप से किया. डॉ रश्मि ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, स्किन कैंसर, लंग्स कैंसर, कोलोन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, लिंफोमा कैंसर सहित 100 से अधिक प्रकार के कैंसर होते हैं. सभी कैंसर के लक्षण व जांच अलग-अलग है. सर्वाइकल कैंसर तब होता है, जब गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है. जो शरीर के अन्य ऊतकों व अंगों पर आक्रमण करती है. जब आक्रामक होता है, तो गर्भाशय ग्रीवा के गहरे ऊतकों को प्रभावित करता है. ज्यादातर मामलों में 20 व 30 की उम्र में गर्भाशय ग्रीवा में पूर्व-कैंसर परिवर्तन का पता लगता है. कैंसर का निदान तब किया जा सकता है, जब महिला 50 के आसपास होती है. डॉ अनन्या ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होता है, जो गर्भाशय का सबसे निचला हिस्सा होता है. जब गर्भाशय ग्रीवा में कोशिकाएं असामान्य हो जाती हैं. तेजी से बढ़ती है, तो सर्वाइकल कैंसर पैदा होता है. प्रारंभिक चरण में कोई लक्षण नहीं दिखता है. महिलाओं को नियमित ग्रीवा स्मीयर परीक्षण या पैप परीक्षण करवाना चाहिए. नियमित जांच व टीका से एचपीवी संक्रमण से बचाव में मदद मिल सकती है. सर्वाइकल कैंसर के कारणों में सिगरेट धूम्रपान, यौन संचारित रोग, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, एचपीवी, कम उम्र में यौन गतिविधि प्रमुख है. डॉ सौरव ने कहा कि लक्षणों में पेशाब के दौरान दर्द, पेडू में दर्द, अधिक पेशाब, पेशाब के दौरान असामान्य मात्रा में खून का स्राव, मासिक धर्म के बीच लगातार अंतर, अचानक वजन कम, अत्यधिक थकान, गांठ, त्वचा में बदलाव, तेज दर्द का होना प्रमुख है. रोकथाम के लिए एचपीवी के खिलाफ टीकाकरण, धूम्रपान से बचें, सुरक्षित सेक्स, नियमित पैप परीक्षण व नियमित रूप से सर्वाइकल स्क्रीनिंग कराया जाना चाहिए. कैंसर का उपचार सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, हार्मोन थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी व स्टेम सेल ट्रांसप्लांट्स के जरिये किया जाता है. जो सभी मरीजों में अलग-अलग तरह की जाती है. मौके पर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND KUMAR UPADHYAY

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

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