बोकारो, विस्थापित संघर्ष मोर्चा व झारखंड नवनिर्माण सेना ने सोमवार को प्रशासनिक भवन के सामने टू टैंक गार्डन परिसर पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना दिया. इस दौरान बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) प्रबंधन से विस्थापितों की बहाली, उम्र सीमा में छूट व मूल रैयतों की भूमि वापसी समेत कई महत्वपूर्ण मांगें उठाये गये. सेना के संस्थापक गुलाब चंद्र ने कहा कि बैक लॉक में एकमुश्त 20,000 विस्थापित, अशिक्षित, शिक्षित व प्रशिक्षु महिला-पुरुषों को उनकी योग्यता के अनुसार डीपीएलआर के माध्यम से विभागीय नौकरी दी जाये. साथ ही, विस्थापितों को नियोजन में 45 वर्ष तक की आयु सीमा में छूट देने की मांग की गयी. कहा कि प्रशासनिक भवन व बीजीएच में एटेंडेंट, पीउन, नर्स, आया, सफाई मजदूर व टेक्नीशियन जैसे कर्मियों की भारी कमी है. इससे मरीजों को गंभीर परेशानी उठानी पड़ रही है.
अधिग्रहित जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कर मूल रैयतों को दी जाये
गुलाब चंद्र ने कहा कि प्रशासनिक भवन व बीजीएच में लिफ्ट बंद रहना अब आम बात हो गयी है, जिससे मरीजों को असुविधा होती है. उन्होंने मांग रखी कि बीएसएल द्वारा अधिग्रहित जमीनों पर अवैध कब्जा व अतिक्रमण को हटाकर मूल रैयतों या उनके वंशजों को क्षतिपूर्ति सहित भूमि लौटायी जाये. वक्ता नसीरुद्दीन अंसारी, इंद्र केवट, लालबाबू अंसारी, असीरुद्दीन अंसारी, सुमी देवी, प्रतिमा देवी, रासमुनी देवी, लीलामुनी देवी, मंजू देवी, सुखदेव सोरेन, विनोती देवी आदि ने विचार व्यक्त किया. मौके पर दर्जनों विस्थापित पुरुष व महिलाएं मौजूद थे.
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