Bokaro News : बोकारो में बनेगा अंतर्देशीय कंटेनर डिपो
Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 02 Jun 2026 11:50 PM
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Bokaro News : बोकारो में कंटेनर डिपो की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है.
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बोकारो में कंटेनर
डिपो (इनलैंड कंटेनर डिपो) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है. धनबाद सांसद ढुलू महतो की मांग पर कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकॉर) ने इस दिशा में सहमति जताते हुए आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी है. 25 मई को कॉनकॉर ने इस संबंध में सांसद को सकारात्मक जवाब दिया. बताया जाता है कि वर्ष 2018 में बोकारो में वेयरहाउस निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई थी. प्रस्तावित कंटेनर
डिपो को उसी पहल की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि बोकारो में कंटेनरडिपो की स्थापना से जिले के
औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को नयी गति मिलेगी. सांसद ढुलू महतो ने कहा कि कंटेनरडिपो के लिए विभाग की ओर से सकारात्मक कार्यवाही शुरू हुई है. इस संबंध में आने वाले दिनों में रेलवे के आद्रा मंडल और धनबाद मंडल के डीआरएम से वार्ता होगी. समुचित स्थान मिलने पर निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. कंटेनर
डिपो बनने से बोकारो समेत आसपास के जिलों को व्यावसायिक रूप से काफी लाभ होगा.जमशेदपुर मॉडल पर होगा विकास :
सूत्रों के अनुसार, झारखंड में वर्तमान मेंजमशेदपुर की वर्मा माइंस के समीप कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित कंटेनर
डिपो कार्यरत है. वहीं साहिबगंज में निर्मितडिपो मुख्य रूप से जलमार्ग से जुड़े टर्मिनल पर कंटेनरों की लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य करता है. बोकारो में
जमशेदपुर की तर्ज पर कंटेनरडिपो विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है. इस परियोजना को बोकारो में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
डिपो परिसर में होगी कस्टम क्लीयरेंस की सुविधा :कंटेनर
डिपो स्थापित होने से व्यापारियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी. इसमें डोर-स्टेप कस्टम क्लीयरेंस, सुरक्षित भंडारण और निर्बाध रेल परिवहन प्रमुख हैं. रेल मार्ग के जरिए लंबी दूरी तक बड़े पैमाने पर माल परिवहन होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आयेगी. इसके अलावाडिपो परिसर में ही कस्टम संबंधी सेवाएं और सीमा शुल्क निकासी (कस्टम क्लीयरेंस) की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे व्यापारियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे.
एक्सप्लेनर : क्या मिलेंगी आधुनिक सुविधाएंकंटेनर
डिपो सड़क, रेल और बंदरगाहों को आपस में जोड़ने का कार्य करता है. इससे डोर-टू-डोर माल परिवहन आसान हो जाता है.डिपो में ट्रांजिट वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन, कंटेनरों के रखरखाव और मरम्मत जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहती हैं. इसके माध्यम से आयात-निर्यात के लिए कंटेनरों का समेकन आसान होगा और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है.
औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बोकारोबोकारो राज्य और देश के प्रमुख
औद्योगिक जिलों में शामिल है. जिले में कोल इंडिया की दो इकाइयां सीसीएल और बीसीसीएल, सेल की इकाई बीएसएल, ओएनजीसी, डीवीसी, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां कार्यरत हैं. इसके अलावा इंडियन एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड के रूप में एशिया का पहला वाणिज्यिक बारूद कारखाना भी यहां स्थित है. डालमिया सीमेंट और इलेक्ट्रोस्टील-वेदांता जैसे निजी उद्योग भी जिले कीऔद्योगिक पहचान को मजबूत बनाते हैं.
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