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सेक्टर चार : अक्षरधाम मंदिर में विराजेंगे गणेश

18 Aug, 2016 7:52 am
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सेक्टर चार : अक्षरधाम मंदिर में विराजेंगे गणेश

बोकारो: गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में बोकारो के गणेश भगवान विराजेंगे. गणेश मंडली सेक्टर-04 के गणेश पूजा महोत्सव में इस बार पंडाल का प्रारूप गुजरात के अक्षरधाम मंदिर के समान होगा. भगवा रंग के पंडाल को बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष कारीगरों की टीम बुलायी गयी है. दो दर्जन से अधिक मजदूर दिन-रात […]

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बोकारो: गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में बोकारो के गणेश भगवान विराजेंगे. गणेश मंडली सेक्टर-04 के गणेश पूजा महोत्सव में इस बार पंडाल का प्रारूप गुजरात के अक्षरधाम मंदिर के समान होगा. भगवा रंग के पंडाल को बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष कारीगरों की टीम बुलायी गयी है. दो दर्जन से अधिक मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं. चार लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह पंडाल वाटर प्रूफ होगा.

240 स्क्वायर फीट के सिंहासन पर बैठेंगे गणपति : भगवान गणेश का सिंहासन भी पंडाल की तरह ही भव्य होगा. 24 फीट लंबा व 10 फीट चौड़ा सिंहासन बनाया जा रहा है. इसमें मोती, नग व अन्य आकर्षक पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. सिंहासन के पीछे गुलाब व गेंदा फूल की विशेष सजावट होगी. इसके अलावा आर्टिफिशल फूलों की श्रृंखला भी सिंहासन की खूबसूरती में चार चांद लगायेगा.

एकता की परिचायक है गणेश पूजा : आजादी की लड़ाई को ताकत देने के लिए लोकमान्य तिलक ने महाराष्ट्र में गणेश पूजा का राष्ट्रीय प्रारूप दिया. मकसद था हिंदू-मुस्लिम को एक करना. ऐसा ही कुछ बोकारो में भी हो रहा है. गणेश पूजा महोत्सव के लिए बन रहे पंडाल को रूप देने का काम मुस्लिम कारीगर कर रहे हैं. करीम अंसारी व नफील अंसारी पंडाल का आकर्षक बनाने में दिन-रात लगे हैं. दोनों का कहना है कि ऊपर वाला एक है. हम सब उसी के संतान हैं. इंसानियत में किसी प्रकार का फर्क नहीं होना चाहिए.

1550 थर्माकोल, 2500 फीट बीट, 350 किलो कांटी…

पंडाल की भव्यता का अंदाजा आकार से लगाया जा सकता है. 120 मीटर लंबा, 60 मीटर चौड़ा व 70 मीटर ऊंचे इस पंडाल की खुबसूरती बढ़ाने के लिए थर्माकोल व बीट का आकर्षक काम होगा. विभिन्न डिजाइन को रियल आकार देने के लिए 1550 थर्माकोल, 2500 फीट से अधिक बीट का प्रयोग किया जायेगा. आकृति में कोई फर्क नहीं आये, इसलिए 350 किलोग्राम से अधिक छोटी-बड़ी कांटी का प्रयोग किया जायेगा. बेस बनाने के लिए औसत लंबाई के 5000 बांस का इस्तेमाल किया जा रहा है.

सुबह-शाम आरती के समय होगी फूलों की बारिश

सिर्फ पंडाल ही नहीं पूजा के लिए भी कमेटी की ओर से विशेष तैयारी की गयी है. सुबह-शाम आरती में फूलों की बारिश होगी. इंटेरियर डिजाइन में भी काफी फूलों का का इस्तेमाल किया जायेगा. इसके लिए मालियों की विशेष टीम बनायी गयी है. पंडाल के अंदर गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा समेत पांच किस्म की फूलों की सजावट की जायेगी. पांच से 11 सितंबर तक आयोजित पूजा महोत्सव के हर दिन फूल बदले जायेंगे. फूल कोलकाता से मंगाये जायेंगे.

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