Bokaro News : धूम्रपान की लत छोड़ने दो माह में 248 युवा पहुंचे केंद्र

Bokaro News : धूम्रपान की लत छोड़ने के लिए केंद्र पहुंच रहे हैं युवा.
डॉक्टर साहब, हम धूम्रपान की लत को छोड़ना चाहते है. जब से पता चला है कि धूम्रपान से हृदय, लीवर, फेफड़े सहित अन्य अंग बीमारी के गिरफ्त में आ जायेंगे, तब से नींद नहीं आ रही है. इन बातों के साथ दो माह (अप्रैल व मई 26) में बोकारो जिला के 248 युवा सदर अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे. एनटीसीपी (नेशनल टोबेको कंट्रोल प्रोगाम) के जिला परामर्शी मो असलम व सोशल वर्कर छोटेलाल काउंसेलिंग कर रहे हैं. एनसीडी (नन कम्यूनिकेबल डिजिज) के आंकड़े बताते हैं कि बोकारो जेनरल अस्पताल व सदर अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में धूम्रपान छोड़ने वाले युवाओं के आंकड़े रोजाना बढ़ रहे हैं. सत्र 2018-19 में 789, सत्र 2019-20 में 1219, सत्र 2020-21 में 1536, सत्र 2021-22 में 2293, सत्र 2022-23 में 2940, सत्र 2023-24 में 2250, सत्र 2024-25 में 2398 और सत्र 2025-26 में 2509 युवा धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने के लिए केंद्र पहुंचे.
मालूम हो कि एनटीसीपी में पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया. हर थाना के एक एएसआइ को एनटीसीपी का क्षेत्रीय नोडल बनाया गया है. नोडल पदाधिकारी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों को चेतावनी देकर जुर्माना भी वसूलते है. बीएस सिटी थाना प्रभारी सुदामा कुमार दास को धूम्रपान के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर तत्कालीन एसपी हरविंदर सिंह ने पुरस्कृत किया था. स्वास्थ्य विभाग ने पिछले पांच सालों में साढ़े पांच लाख रुपये से अधिक जुर्माना राशि वसूल किया है. साथ ही जिले के 30 से अधिक संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई भी की है.डॉक्टरों ने बताया
डॉ अनन्या प्रसाद ने कहा कि धूम्रपान शुक्राणुओं को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जो इनफर्टिलिटी का कारण बनता है. बांझपन की आशंका को 60 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है. फैलोपियन ट्यूबों में समस्या आती है. गर्भाशय में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. अभिषेक कुमार ने कहा कि फेफड़े के कैंसर के 90 प्रतिशत मामले धूम्रपान से जुड़े हैं. गुटखा मुंह में जाते ही साफ्ट टिशू (उत्तम) को हार्ड टिशू में बदलता है. हार्ड टिशू के लगातार रहने से मुंह में कैंसर का खतरा बढ़ता है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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