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TCWA-3 एक जुलाई 2015 के बाद बहाल सारे कर्मचारियों को मिलेगा तीन इंक्रीमेंट का लाभ

Updated at : 06 Nov 2018 5:32 PM (IST)
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TCWA-3 एक जुलाई 2015 के बाद बहाल सारे कर्मचारियों को मिलेगा तीन इंक्रीमेंट का लाभ

– डीए के नुकसान की भरपाई के लिए लागू किया गया इंसेटिव – टाटा के झरिया डीविजन व वेस्ट बोकारो के लिए हुआ टीसीडब्लूए-3 का एग्रीमेंट – एनसीडब्लूए-10 से काफी बेहतर है टीसीडब्लूए-3 का वेज एग्रीमेंट- राजेंद्र सिंह संवाददाता,बेरमो टाटा कोलियरीज वेज एग्रीमेंट-3 पर मंगलवार को अंतिम मुहर लगा दी गयी है. इस वेज एग्रीमेंट […]

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– डीए के नुकसान की भरपाई के लिए लागू किया गया इंसेटिव

– टाटा के झरिया डीविजन व वेस्ट बोकारो के लिए हुआ टीसीडब्लूए-3 का एग्रीमेंट

– एनसीडब्लूए-10 से काफी बेहतर है टीसीडब्लूए-3 का वेज एग्रीमेंट- राजेंद्र सिंह

संवाददाता,बेरमो

टाटा कोलियरीज वेज एग्रीमेंट-3 पर मंगलवार को अंतिम मुहर लगा दी गयी है. इस वेज एग्रीमेंट पर टाटा के एमडी टी वी नरेंद्रन, वाइस प्रेसिडेंट (एचआरएम) सुरेश दत्त त्रिपाठी के अलावा राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के प्रेसिडेंट राजेंद्र प्रसाद सिंह ने फाइनल हस्ताक्षर किये हैं. यह वेज एग्रीमेंट सात साल के लिए होगा जो 01.07.2015 से 30.06.2022 तक के लिए देय होगा. टाटा अंतर्गत वेस्ट बोकारो व झरिया डीविजन के करीब 7200 कोलकर्मियों को टीसीडब्लूए-3 का लाभ मिलेगा. यह लाभ मजदूरों को 01.07.2015 के डेट से दिया जायेगा.

उक्त जानकारी राकोमसं के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह ने मंगलवार को अपने ढोरी स्टॉफ क्वार्टर स्थित आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी. प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से झरिया डीविजन राकोमसं के रिजनल अध्यक्ष एसएस जामा, रिजनल सचिव संतोष महतो, वेस्ट बोकारो राकोमसं के अध्यक्ष मोहन महतो के अलावा यूनियन के कई नेतागण उपस्थित थे.

इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व मंत्री श्री सिंह ने बताया कि झरिया डीवीजन व वेस्ट बोकारो में कार्यरत कोलकर्मियों के लिए टीसीडब्लूए-3 का एग्रीमेंट विगत 23.11. 2017 को किया गया था. लेकिन किये गये एग्रीमेंट में प्रबंधन की ओर से कुछ त्रुटियां रहने के कारण एग्रीमेंट को फाइनल स्वरुप नहीं दिया जा सका था. टाटा के वेज एग्रीमेंट में यह पहला मौका है जब पुन: वेज एग्रीमेंट को री-ओपन किया गया तथा सारी त्रुटियों को दूर करते हुए कोलकर्मियों के हित में गत 3 जून को टाटा जाकर मैंने वेज एग्रीमेंट को फाइनल किया.

उन्‍होंने कहा कि आज वेज एग्रीमेंट पर एमडी टीवी नरेंद्रन के हस्ताक्षर के बाद इसपर अंतिम मुहर लगा दिया गया. कहा कि टाटा के कोल वर्करों के लिए किया गया टीसीडब्लूए-3 कई मामलों में कोल इंडिया के मजदूरों के लिए किया गया एनसीडब्लूए-10 से काफी बेहतर है. झरिया डीविजन व वेस्ट बोकारो के कोलकर्मियों को इस वेज एग्रीमेंट से काफी लाभ मिलेगा.

आज झरिया डीविजन व वेस्ट बोकारो से पहुंचे राकेमसं नेताओं ने इंटक महामंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह को बेहतर वेज एग्रीमेंट के लिए बुके देकर उनका जोरदार स्वागत किया. श्री सिंह ने सभी के प्रति आबार जताते हुए सभी यूनियन नेताओं से मजदूर हित में काम करने को कहा.

क्या है टीसीडब्लूए-3 के एग्रीमेंट में

– जो भी कर्मचारी 01.7.015 के बाद टाटा स्टील के कोल डीविजन से बहाल हुए है और तकनीकि रूप से उनके एमजीबी का लाभ नही मिला. उन सारे कर्मचारियों को अब तीन इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा.

– जिन कर्मचारियों को एलटीसी का लाभ 29,500 रुपये मिलता था,उनको सैकेंड क्लास का एलटीसी 27,500 रुपये मिला था. उन सारे लोगों को बकाया अतिरिक्त राशि दो हजार रुपया मिलेगा.

– जो लोग ट्रेड अप्रेटिंस में 01.07.2015 के बाद बहाल हुए थे तथा वैसे लोगों को एमजीबी का लाभ नहीं मिला था, उनलोगों को 01.07.2015 से आजतक का एमजीबी का लाभ बतौर एरियर के साथ मिलेगा.

– ओटी सिलिंग जो 14,599 रुपये था उसे बढाकर 30,955 रुपये किया गया है.

– जितने भी कर्मचारी वेस्ट बोकारो में काम करते हैं, उन सभी कर्मचारियों को उत्पादन का लक्ष्य प्राप्ति होने पर 525 रुपये से लेकर 1080 रुपये तक इंसेटिव का लाभ मिलेगा. जब-जब ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स बढ़ेगा. इसका लाभ सभी कर्मचारियों को मिलेगा चाहे वो किसी भी पद पर काम करते हों.

– जिन कर्मचारियों को प्रमोशन मिलने पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा था, उन सारे कर्मचारियों को अब पदोन्नति का लाभ मिलेगा.

डीए विवाद के कारण फाइनल नही हो पाया था टीसीडब्लूए-3

झरिया डीविजन राकोमसं के रिजनल अध्यक्ष एसएस जामा, रिजनल सचिव संतोष महतो तथा वेस्ट बोकारो राकोमसं के अध्यक्ष मोहन महतो ने पत्रकारों को बताया कि डीए विवाद के कारण टीसीडब्लूए-3 का फाइनल एग्रीमेंट नहीं हो पाया था. टाटा ने डीए को रोक दिया तथा 100 फीसदी डीए का लाभ नहीं देकर 25 फीसदी का लाभ देना चाह रही थी. यानि हाईयर स्लेब पर जाकर इसे रोक दिया गया था.

बाद में जब फाइनल एग्रीमेंट हुआ तो प्रबंधन को उसमें यह लिखना पड़ा कि डीए पर रोक नहीं लगाया गया है. कहा कि डीए की भरपाई के लिए इंसेटिव लागू किया गया. जिसके बाद डीए का मामला समाप्त हो गया. कहा कि इस मामले को लेकर हमलोगों ने अपने नेता राकोमसं के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह के निर्देश पर झरिया डीविजन व वेस्ट बोकारो में तीन चरणों में आंदोलन चलाया था. जिसके तहत कैंडल मार्च व सांकेतिक धरना दिया गया था. इसके बाद एनोमली कमेटी बना और प्रबंधन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा.

ये थे उपस्थित

झरिया डीविजन राकोमसं के रिजनल अध्यक्ष एसएस जामा, रिजनल सचिव संतोष महतो तथा वेस्ट बोकारो राकोमसं के अध्यक्ष मोहन महतो के अलावा उपाध्यक्ष सोमेन पुजारी, कैलाश गोप, आनंद प्रसाद, सीताराम प्रसाद, मुन्ना विश्वकर्मा, राम सेवक, बाबूलाल मरांडी, इग्नेश कुजूर, इरशाद आलम, सह सचिव मो तारीक, इंटक के प्रदेश सचिव महेंद्र कुमार विश्वकर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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