जैनामोड़-डुमरी सड़क का फोरलेन रूट क्लीयर

Updated at : 09 Oct 2018 7:12 AM (IST)
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जैनामोड़-डुमरी सड़क का फोरलेन रूट क्लीयर

बोकारो : आखिरकार, जैनामोड़-डुमरी सड़क के फोरलने बनने का रूट क्लियर हो गया. फोरलेन वर्तमान रूट में ही बनाया जायेगा. फोरलेन सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी पथ निर्माण विभाग को दी गयी है. इससे पहले जेआरडीसीएल (झारखंड एक्सलेरेटेड रोड डेवलपमेंट कॉरपोशन लिमिटेड) को फोर लेन बनाने की जिम्मेदारी दी गयी थी. लेकिन, दो साल में […]

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बोकारो : आखिरकार, जैनामोड़-डुमरी सड़क के फोरलने बनने का रूट क्लियर हो गया. फोरलेन वर्तमान रूट में ही बनाया जायेगा. फोरलेन सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी पथ निर्माण विभाग को दी गयी है. इससे पहले जेआरडीसीएल (झारखंड एक्सलेरेटेड रोड डेवलपमेंट कॉरपोशन लिमिटेड) को फोर लेन बनाने की जिम्मेदारी दी गयी थी.
लेकिन, दो साल में सर्वे का काम पूरा नहीं कर पाने के कारण कंपनी को जिम्मेदारी मुक्त कर दिया गया. सरकार की उहापोह वाली स्थिति के कारण फोर लेन के सपने को आकार लेने में दो साल का अतिरिक्त समय लगा.
टूटी सड़क से निजात, जाम से होगी परेशानी : जैनामोड़ से डुमरी फोरलेन (48) किमी सड़क को 20 मीटर चौड़ा बनाया जायेगा. जमीन की महत्ता देखते हुए मात्र एक फुट का डिवाइडर बनाया जायेगा. इससे सड़क को मजबूती तो मिलेगी, लेकिन लोगों को नयी समस्या का सामना करना पड़ेगा. कारण बनेगा फुसरो बाजार ओवर ब्रिज. विभाग की माने तो फोर लेन तो बनेगा, लेकिन फुसरो ओवर ब्रिज के पास सड़क वर्तमान स्थिति में रहेगी. मतलब, चौड़ी सड़क अचानक से संकीर्ण हो जायेगी. इससे जाम की स्थिति बनी रहेगी.
एक फायदा, लोगों को टोल नहीं देना होगा : पहले सड़क को फोर लेन बनाने की जिम्मेदारी जेआरडीसीएल को दी गयी थी. अगर, यह कंपनी फोरलेन बनाती तो वाहन चालकों को टोल देना पड़ता. बकायदा सुरही में टॉल प्लाजा के लिए जगह भी चिह्नित कर ली गयी थी. लेकिन, पथ निर्माण विभाग के हाथों सड़क निर्माण होने से लोगों को टोल टैक्स नहीं देना होगा. इससे लोगों को निजी तौर पर फायदा होगा. खास कर बोकारो से नेशनल हाइवे पर जाने वाले लोगों को ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि पहले ही बालीडीह के पास लोगों को टोल देना पड़ता है.
विभाग का दावा : वन विभाग की नहीं है कोई भी जमीन
जमीन का अधिग्रहण 1956 में ही कर लिया गया था. पीडब्ल्यूडी की माने तो इंच दर इंच भूमि का सर्वेक्षण का काम चल रहा है. इसमें वन विभाग की जमीन का अंदेशा नहीं है. कहीं-कहीं जमीन पर अतिक्रमण किया गया है. इसे नोटिस देकर खाली कराया जायेगा. दोनों ओर से 10-10 मीटर जमीन की मापी होगी, यदि कोई आधिपत्य जमीन आयेगी तो मुआवजा दिया जायेगा.
निर्माण खर्च बढ़ने का अंदेशा
विभाग की माने तो सर्वे का काम अंतिम चरण में है. इसके बाद ही अनुमानित खर्च का अंदेशा लगाया जायेगा. झारखंड एक्सलेरेटेड रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से इससे पहले 400 करोड़ रुपया का प्राक्कलन किया गया था, लेकिन वर्तमान परिवेश में इसके बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है. फिलहाल जैनामोड़ से डुमरी सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए मरम्मत का काम किया जायेगा. डुमरी से बेरमो तक सड़क मरम्मत पर 85 लाख रुपया व बेरमो से जैनामोड़ तक सड़क मरम्मत में 1.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
इन सड़कों की भी जागी किस्मत : गझंडी मोड़ से चतरोचट्टी होते हुए हुरलुंग (हजारीबाग सीमा) तक 42 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जायेगा. फिलहाल सड़क आरइओ के अधीन है. इसे पीडब्ल्यूडी अपने अधीन लेगा. इसके अलावा ललपनिया से रजरप्पा वाया महुआटांड़ 20 किमी सड़क भी पीडब्ल्यूडी से चौड़ा किया जायेगा. वहीं रजरप्पा मंदिर टैक्सी स्टैंड के पास विभाग पुल निर्माण करायेगा.
जैनामोड़ से डुमरी सड़क को फोरलेन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को जिम्मेदारी दी गयी है. सर्वे अंतिम चरण में चल रहा है. कुछ दिनों के अंदर मुख्यालय को रिपोर्ट दे दी जायेगी. निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा. सड़क के दोनों किनारे पर नाली होगी, इससे बरसात में भी सड़क को क्षति नहीं पहुंचेगी.
सुरेंद्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग.
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