पैदल रांची रवाना हुए टीटीपीएस के सैकड़ों मजदूर, 2 अक्तूबर को राजभवन पहुंचेंगे

By Prabhat Khabar Digital Desk
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गोमिया : झारखंड के बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड के ललपनिया टीटीपीएस के सैकड़ों मजदूर अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं. ये लोग शनिवार (29 सितंबर) को झाजेकायू के नेतृत्व में ललपनिया से राजधानी रांची के लिए रवाना हुए. ये मजदूर चौथे दिन दो अक्तूबर को राजभवन पहुंचेंगे और राज्यपाल को अपनी मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन देंगे.

झारखंड जेनरल कामगार यूनियन (झाजेकायू) के अध्यक्ष निखिल सोरेन ने रांची रवाना होने से पहले टीटीपीएस ललपनिया के आवासीय परिसर का भ्रमण किया. उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक सड़क के संसद तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

उन्होंने कहा कि मजदूर और विस्थापित अब नहीं जागेंगे, तो यह सरकार उनके मुंह की रोटी छीन लेगी. उन्होंने मजदूरों और बेरोजगारों का आह्वान किया कि आंदोलन में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि मजदूरों की 120 किलोमीटर की पदयात्रा दो अक्तूबर को रांची में समाप्त होगी.

यहां राजभवन को यूनियन एक मांग पत्र सौंपेगी और टीटीपीएस को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की मांग करेगी. श्री सोरेन ने केंद्र व राज्य सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीति को मजदूर विरोधी बताया, तो 49 श्रम कानून को श्रमिकों के खिलाफ. उन्होंने कहा कि जब तक इसमें सुधार नहीं किया जाता, यूनियन का आंदोलन जारी रहेगा.

उन्होंने यूनियन की मांगें भी गिनायीं. कहा कि टीबीएनएल प्रबंधन ने क्षेत्र के बेरोजगारों, विस्थापितों की उपेक्षा करते हुए पैसे लेकर टीटीपीएस में 102 लोगों की बहाली की थी, उसे रद्द किया जाये. पूर्व प्रभारी एमडी रामअवतार साहू की संपत्ति की जांच कर उन्हें जेल भेजा जाये. ठेका श्रमिक कानून को समाप्त करने की भी उन्होंने मांग की है. साथ ही कहा कि टीटीपीएस ललपनिया के ठेका मजदूरों और वाहन चालकों को न्यूनतम वेतनमान देना सुनिश्चित किया जाये.

इतना ही नहीं, उन्होंने टीटीपीएस के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को प्रोन्नति देने, कंटिंजेंट मजदूरों को स्थायी करने, टीटीपीएस ललपनिया के अस्पताल के संचालन की व्यवस्था सुधारने, ललपनिया के विस्थापित व स्थानीय बेरोजगारों को प्रशिक्षण देकर नियोजित करने, मनरोगा में मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि गैर-आदिवासियों द्वारा कब्जा की गयी आदिवासियों की जमीन को मुक्त कराया जाये.

आंदोलन में यूनियन के उपाध्यक्ष राजू मरांडी, महामंत्री महेश मरांडी, कोषाध्यक्ष संजय मरांडी, बिनोद सोरेन, दिलीप सोरेन राजू गोप, संजय यादव दिनेश सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे.

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