बोकारो : राज्य सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए झारखंड ऑन लाइन एफआइआर सिस्टम की शुरुआत की है़ इसे लागू करने का उद्देश्य आम था, नागरिक को अपने साथ हुई घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाना का चक्कर नहीं लगाना पड़े और वह घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करा सके. लेकिन बोकारो में इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है.
बोकारो पुलिस के कारण झारखंड ऑन लाइन एफआइआर सिस्टम को सनहा सिस्टम में बदल कर रख दिया है. ऑन लाइन आवेदन देने पर थाना में सनहा दर्ज कर कार्यवाही की औपचारिकता पूरी की जा रही है़ इतना ही नहीं संगीन मामलों में भी पुलिस ऐसा ही कर रही है. उक्त साइट पर यह भी चेतावनी दी गयी है कि गलत व भ्रामक सूचना देने वाले लोगों के खिलाफ झूठा एफआइआर दर्ज कराने की भादवि की धारा 182 व 211 के तहत कार्रवाई की जायेगी़
संगीन अपराध के मामलों में भी बाेकारो पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
केस स्टडी 1
पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के ग्राम आमडीहा निवासी महिला बाली देवी ने गत 29 नवंबर को ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराकर कुछ लोगों पर हत्या की नियत से घर में घुसकर मारपीट व तोड़-फोड़ करने का आरोप लगाया है़ इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज करने के बजाय सनहा दर्ज कर लिया. पुलिस ने अभी तक न तो घटना का जांच की और न ही कोई कार्रवाई की़
केस स्टडी 2
चास के शिवपुरी कॉलोनी निवासी महिला मिठू देवी व अनुज कुमार सिंह ने गत 21 व 22 जनवरी को ऑन लाइन शिकायत दर्ज करायी. इस मामले में सूदखोरों के आतंक से बचाने की गुहार लगाते हुए सुदखोरों पर बैंक पास बुक व एटीएम कार्ड छीन कर अक्सर रुपया निकाल लेने का आरोप लगाया गया है़ उक्त दोनों शिकायत पर भी पुलिस ने अभी तक केवल सनहा दर्ज किया है़ मामले में आरोपित सूदखोर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी़
केस स्टडी 3
बालीडीह निवासी सोनारिका राम ने गत 12 नवंबर को ऑन लाइन शिकायत दर्ज करायी और एक व्यक्ति पर मर्चेंट नेवी में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपया ठगी करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है़ इस मामले में भी पुलिस ने ढाई माह बाद भी कोई एफआइआर दर्ज नहीं की और न ही अभियुक्त के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गयी़
केस स्टडी 4
हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर नौ ए, स्ट्रीट संख्या 4, आवास संख्या 978 निवासी गणेश कुमार सिंह ने गत 15 नवंबर को ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराकर फ्लैट के नाम पर लाखों रुपये ठगी करने का आरोप लगाया है़ ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराने के ढाई माह बाद भी न तो एफआइआर दर्ज हुई और न ही अभियुक्त के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गयी़
ऐसी कोई शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं आयी है़ अगर कोई ऐसा मामला आता है तो लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी़ ऑन लाइन एफआइआर सिस्टम भी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का एक जरिया है़ इस तरह की शिकायत पर भी वही कार्रवाई होती है, जो थाना आकर लिखित शिकायत करने पर होती है़
कार्तिक एस, एसपी, बोकारो़
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