अंगूठा लगाते ही गायब हो गये 60 हजार विद्यार्थी व आठ हजार मनरेगा मजदूर

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बोकारो: भ्रष्टाचार पर वार, आधार. सरकार सभी कल्याणकारी योजना को आधार से जोड़ने के दिशा में काम कर रही है. दावा ऐसा की आधार से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा. दावा तो यह भी किया जा रहा है कि आधार सीडिंग के बाद विभिन्न योजना के लाभार्थी की संख्या में कमी आ रही है. क्या आधार […]

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बोकारो: भ्रष्टाचार पर वार, आधार. सरकार सभी कल्याणकारी योजना को आधार से जोड़ने के दिशा में काम कर रही है. दावा ऐसा की आधार से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा. दावा तो यह भी किया जा रहा है कि आधार सीडिंग के बाद विभिन्न योजना के लाभार्थी की संख्या में कमी आ रही है. क्या आधार सीडिंग का बोकारो में भी कुछ असर हुआ है, क्या सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में आधार हथियार साबित हो रहा है. ऐसे ही सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश गुरुवार को प्रभात खबर ने की.

प्रभात खबर ने कई कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया, जो सच्चाई सामने आयी वह चौकाने वाली थी. विभिन्न योजना में आधार सीडिंग का असर दिखा. सबसे ज्यादा असर कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण जैसी योजनाओं पर हुआ.

छात्रवृत्ति योजना के लाभुक कम हुए

छात्रवृत्ति योजना में 2016-17 के मुकाबले 2017-18 में लाभुकों की संख्या 60 हजार कम हो गयी. 2016-17 में 1,25,098 लाभुकों ने छात्रवृत्ति योजना का लाभ लिया था, वहीं 2017-18 (अक्तूबर तक) मात्र 65,155 विद्यार्थी योजना का लाभ लेने के लिए आगे आये. साइकिल लाभुकों की संख्या में भी 10 प्रतिशत कमी देखी गयी. इससे राशि आवंटन 429,769,126 रुपया से घटकर 149,153,983 रुपया हो गयी है. मतलब आवंटित राशि में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी. हालांकि नियुक्त कर्मियों की माने तो आधार के अलावा भी कई कारण इसके लिए जिम्मेदार हैं. लेकिन, आधार सीडिंग का असर दिख रहा है.

जॉब कार्डधारी भी हो गये गायब

आधार लिंक के कारण बोकारो के लगभग 08 हजार एक्टिव कर्मी अचानक से गायब हो गये. आंकड़ों की माने तो 2016-17 में मनरेगा के एक्टिव कर्मी की संख्या 1,21,000 थी, जो इस साल 1,13,420 हो गयी. वैरीफिकेशन के दौरान पता चला कि एक ही कर्मी दो जॉब कार्ड के जरिये काम चला रहा था. इतना ही नहीं कुछ मृत लोगों के नाम पर भी जॉब कार्ड था. रोजगार की तलाश में पलायन कर चुके लोगों का भी जॉब कार्ड बोकारो में था. बोकारो में मनरेगा कर्मी को प्रति दिन 168 रुपया भुगतान किया जाता है. इस आधार से प्रति दिन बोकारो का 636720 रुपया की बचत होती है. मनरेगा विभाग संबंधी कर्मी की माने तो आधार सीडिंग के कारण ऐसा संभव हो सका.

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