झंडोत्तोलन के बाद बोले राज्यपाल, आतंकवाद एवं उग्रवाद विकास में मुख्य बाधाएं

Published at :26 Jan 2015 2:30 PM (IST)
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झंडोत्तोलन के बाद बोले राज्यपाल, आतंकवाद एवं उग्रवाद विकास में मुख्य बाधाएं

रांची : देश के 66वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज यहां तिरंगा फहराने के बाद झारखंड के राज्यपाल डॉ सैयद अहमद ने कहा कि राज्य सरकार वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है क्योंकि आतंकवाद एवं उग्रवाद देश और राज्य के विकास में मुख्य बाधाएं हैं. राज्यपाल डॉ सैयद अहमद […]

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रांची : देश के 66वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज यहां तिरंगा फहराने के बाद झारखंड के राज्यपाल डॉ सैयद अहमद ने कहा कि राज्य सरकार वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है क्योंकि आतंकवाद एवं उग्रवाद देश और राज्य के विकास में मुख्य बाधाएं हैं.

राज्यपाल डॉ सैयद अहमद ने आज यहां 66वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद से सख्ती से निपटना आवश्यक है और इसके लिए आवश्यक कदम राज्य सरकार उठा रही है. उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए बनी नयी नीति के तहत अब सुरक्षा बल इन राष्ट्र विरोधी शक्तियों से ताकत से निपटने के साथ पिछड़े इलाकों में विकास कार्यों में भी भाग ले सकेंगे.
झारखंड में उग्रवादियों के खिलाफ सुरक्षा उपायों को विकास कार्यों से जोड़ कर एक अच्छी राजनीतिक पहल की गयी है जिसके अच्छे परिणाम होंगे. अब नक्सल प्रभावित इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का जाल बिछाया जायेगा. स्थानीय लोगों की मदद से छोटी-बड़ी सड़कें बनायी जायेंगी.
राज्यपाल ने कहा, मैं विकास की राह से भटके युवाओं से अपील करता हूं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें क्योंकि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.अहमद ने कहा कि राज्य की 70 से 80 प्रतिशत तक आबादी ग्रामीण है लिहाजा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कर किसानों और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाये जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि झारखंड पठारी क्षेत्र होने के कारण यहां वर्षा का केवल 30 प्रतिशत जल ही संचित हो पाता है अत: पूरे राज्य में समेकित जल छाजन प्रबंधन कार्यक्रम चलाया जा रहा है.

राज्य के कुल 266 सरकारी तालाबों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में किसानों को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए झारखंड एग्रिकल्चर एंड सायल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की स्थापना की गयी है और उसमें 15 हजार किसानों और पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

अहमद ने कहा कि वह गरीबी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अशिक्षा से मुक्त झारखंड की कल्पना करते हैं और चाहते हैं कि देश के विकसित राज्यों में झारखंड की शीघ्र अलग पहचान बने.उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग इस परिकल्पना को साकार करने में योगदान दें.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत राज्य में 24 लाख से अधिक लोगों के बैंक खाते खुल चुके हैं और 12 लाख से अधिक लोगों को डेबिट कार्ड भी मुहैया कराया जा चुका है.अहमद ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के खाते में डीबीटी के तहत सीधे लाभ की राशि भेजी जाने लगी है.
उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक 1470 किलोमीटर नये पथ और 17 नये पुलों के निर्माण होने की संभावना है.अहमद ने कहा कि रांची समेत झारखंड के छह बडे शहरों, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, देवघर और दुमका को स्मार्ट सिटी बनाया जायेगा.
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