ePaper

एक क्वार्टर रहते हुए दूसरा क्वार्टर लिया अदालत ने सुनायी तीन साल की सजा

Updated at : 31 May 2019 2:22 AM (IST)
विज्ञापन
एक क्वार्टर रहते हुए दूसरा क्वार्टर लिया अदालत ने सुनायी तीन साल की सजा

रांची : एजेसी एसके शशि की अदालत ने क्रिमिनल अपील के एक मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए योगेंद्र राय नामक व्यक्ति को तीन साल जेल की सजा सुनायी है. अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इस मामले की दूसरी आरोपी रीता राय को […]

विज्ञापन

रांची : एजेसी एसके शशि की अदालत ने क्रिमिनल अपील के एक मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए योगेंद्र राय नामक व्यक्ति को तीन साल जेल की सजा सुनायी है. अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इस मामले की दूसरी आरोपी रीता राय को रिहा कर दिया गया.

पूर्व में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 26 फरवरी 2018 को दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया था. यह क्रिमिनल अपील (संख्या 221/18) राज्य सरकार की अोर से लोक अभियोजक ने अरगोड़ा थाना में दर्ज कराया था.
मामले के शिकायतकर्ता झारखंड राज्य आवास बोर्ड के संपत्ति अधिकारी मनोहर मरांडी हैं. योगेंद्र राय व रीता राय पर आरोप था कि उन्होंने षडयंत्र के तहत आवास बोर्ड का एक क्वार्टर एच 89 रहते हुए दूसरा क्वार्टर डी 106 हासिल कर लिया. नियम के तहत नगर निगम क्षेत्र में आठ किलोमीटर के दायरे में आवास बोर्ड का एक आवास रहते हुए दूसरा आवास नहीं ले सकते.
इधर, अनामिका नंदी सहित दो को तीन साल की सजा
रांची : एजेसी एसपी दुबे की अदालत ने संजीवनी बिल्डकॉन की निदेशक अनामिका नंदी अौर एक अन्य आरोपी फिरोज अंसारी को तीन साल जेल की सजा सुनायी है. अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. दोनों अभियुक्तों को एसटी/एससी एक्ट में दोषी पाते हुए सजा सुनायी गयी.
एतवा उरांव नामक व्यक्ति ने एक जून 2012 को सदर थाना में मामला दर्ज कराया था कि जेडी नंदी, अनामिका नंदी, फिरोज अंसारी व फिरोज की पत्नी ने धोखा व डरा-धमका कर उसकी जमीन हथिया ली थी. सूचक एतवा उरांव की 74 डिसमिल जमीन शशि विहार में थी. वर्ष 2008 में एतवा उरांव के छोटे बेटे का एक्सीडेंट हो गया था.
उस दौरान अभियुक्तों ने उसे 60 हजार रुपये दिये अौर कहा कि तुम्हारी आठ डिसमिल जमीन ले रहे हैं. महीने भर में रजिस्ट्री करा लेंगे. इसके बाद अभियुक्तों ने उसकी जमीन पर धड़ल्ले से निर्माण कराना शुरू कर दिया. विरोध करने पर डराया-धमकाया अौर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया. हड़पी गयी जमीन के पैसे भी नहीं दिये. इस वाद में 30 अक्तूबर 2012 को अनामिका नंदी और फिरोज अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया था. अभियोजन की अोर से सात गवाही दर्ज की गयी थी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola