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आर्थिक सर्वेक्षण : पिछले छह वर्ष में प्रति व्यक्ति आय में 31 फीसदी की वृद्धि

Updated at : 24 Jan 2018 8:08 AM (IST)
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आर्थिक सर्वेक्षण : पिछले छह वर्ष में प्रति व्यक्ति आय में 31 फीसदी की वृद्धि

रांची : पिछले छह वर्षों के दौरान राज्य ने आर्थिक प्रगति की है. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 40 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति अाय में 31 फीसदी की वृद्धि हुई है. स्थिर मूल्य पर चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने और प्रति व्यक्ति आय में 5.2 प्रतिशत […]

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रांची : पिछले छह वर्षों के दौरान राज्य ने आर्थिक प्रगति की है. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 40 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति अाय में 31 फीसदी की वृद्धि हुई है. स्थिर मूल्य पर चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने और प्रति व्यक्ति आय में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि का आकलन किया गया है. बजट पूर्व पेश किये गये आर्थिक सर्वेक्षण में इस तथ्य का उल्लेख किया गया है.
आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 में कहा गया है कि झारखंड के सभी क्षेत्रों में विकास एक समान नहीं हुअा है. 2011-17 के बीच जीएसडीपी के तृतीयक क्षेत्र में चक्रवृद्धि वार्षिक विकास दर 9.30 प्रतिशत दर्ज की गयी है. जबकि, शेष क्षेत्रों का प्रदर्शन औसत से काफी नीचे रहा है. जीएसडीपी के प्राथमिक क्षेत्र में मछली पालन में 15 प्रतिशत, वाणिकी में आठ प्रतिशत, खान में 7.5 प्रतिशत का विकास दर दर्ज किया गया है. राज्य के आर्थिक विकास में जीएसडीपी के तृतीयक क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, होटल, परिवहन एवं संचार आदि का योगदान 16 से 21 फीसदी तक का रहा है. वर्ष 2011-17 के बीच राज्य के औसत विकास दर में तृतीयक क्षेत्र का योगदान 56 प्रतिशत रहा है. प्राथमिक क्षेत्र का 18 और द्वितीयक क्षेत्र का 26 प्रतिशत योगदान रहा है. राज्य के विकास में फसल उत्पादन का योगदान काफी कम रहा. पशुधन का विकास भी लगभग स्थिर है. राज्य में आमदनी व रोजगार के क्षेत्र में असंतुलन कायम है. राज्य का लगभग 10 फीसदी श्रमिक बल खनन एवं निर्माण कार्यों से जुड़ा है. ग्रास स्टेट वैल्यू एडेड (जीएसवीए) 34 प्रतिशत है.
राज्य के श्रमिक बल का 50 प्रतिशत कृषि कार्य में लगा है, जबकि राज्य की आय का 16 प्रतिशत ही कृषि क्षेत्र से आता है. रिपोर्ट में राज्य के वित्तीय स्थिति की चर्चा करते हुए कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है. राज्य का योजना व्यय 2013-14 से 2016-17 के बीच अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा है. राज्य के सकल घरेलू उत्पाद और योजना व्यय का अनुपात 2013-14 में 14.93 प्रतिशत था. यह 2016-17 में बढ़ कर 19.39 प्रतिशत हो गया.
बजट है ऐतिहासिक और जन कल्याणकारी : डॉ शाहिद
रांची. मुसलिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक सह राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ शाहिद अख्तर ने बजट को ऐतिहासिक व जन कल्याणकारी बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास की धारणा पर विश्वास रखती है और यह बजट इसी का परिणाम है़ राज्य सरकार ने महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ रोजगार व स्वरोजगार को बढ़ावा देने व नये अवसर पैदा करने का संकल्प लिया है, जो सराहनीय है़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक 16,873.74 करोड़ रुपये का उपबंध प्रस्तावित किया है, जो सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है़ दहेज रहित विवाह को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के आयोजकों को 1000 रुपये प्रति विवाह प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय एेतिहासिक है़
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