jamshedpur encroachment : सिदगोड़ा में तीन लोगों की दुकान को हटाने का था आदेश, चौथी दुकान भी हटा दी गयी, अब उठ रहे एसडीओ के आदेश और कार्रवाई पर सवाल

Author Brajesh
Updated:
विज्ञापन
jamshedpur encroachment : सिदगोड़ा में तीन लोगों की दुकान को हटाने का था आदेश, चौथी दुकान भी हटा दी गयी, अब उठ रहे एसडीओ के आदेश और कार्रवाई पर सवाल

जमशेदपुर: सिदगोड़ा पुराना सब्जी मंडी क्षेत्र में एसडीओ के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन द्वारा बड़ी चूक किये जाने का एक मामला प्रकाश में आया है. गौरतलब है कि एसडीओ कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केस्टो माझी, प्रहलाद चौधरी एवं नारायण दत्ता नामक तीनों दुकानदारों के दुकान को […]

विज्ञापन
सिदगोड़ा में हटाया गया अतिक्रमण.

जमशेदपुर: सिदगोड़ा पुराना सब्जी मंडी क्षेत्र में एसडीओ के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन द्वारा बड़ी चूक किये जाने का एक मामला प्रकाश में आया है. गौरतलब है कि एसडीओ कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केस्टो माझी, प्रहलाद चौधरी एवं नारायण दत्ता नामक तीनों दुकानदारों के दुकान को हटाकर भूखंड़ अतिक्रमण मुक्त किया जाए. इसके लिए पुलिस फोर्स, अंचल के अधिकारियों समेत मजिस्ट्रेट को तैनात करने का उल्लेख पत्र में है. 14 मई को दोपहर 12:30 बजे अतिक्रमण हटाने के लिए टीम सिदगोड़ा सब्जी मंडी पहुंची. उक्त तीनों टीना शेड दुकानों को जेसीबी मशीन से हटाया गया. इसी बीच पास स्थित सुनील चौधरी की दुकान को भी जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया. 52 वर्षीय सुनील चौधरी पिछले तीन दशक से वहां सब्जी बेचकर अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं. अतिक्रमणकारियों की लिस्ट में उनका नाम या दुकान का जिक्र भी नहीं है, बावजूद इसके सुनील चौधरी की दुकान तोड़ दिया गया. जब कागजात मांगे गये तो अतिक्रमण हटाने आयी टीम इधर – उधर की बातें करने लगे. सुनील चौधरी ने बताया कि जब अतिक्रमण हटाने आएं अधिकारियों से दुकान तोड़े जाने के संदर्भ में पूछा गया तो सभी बगले झांकने लगे. एक अधिकारी ने कहा कि गलती से टूट गया जबकि पत्र में सुनील चौधरी का अतिक्रमणकारी की सूची में नाम ही नहीं है. श्री चौधरी ने बताया कि तीन दशक पूर्व जब बाजार में आगजनी हुई थी, तब सब्जी दुकान जलकर खाक हो गया था. उसमें उनकी भी दुकान जल गयी थी. बाद में तत्कालीन विधायक रघुवर दास की पहल पर प्रशासन रा कंक्रीट खंभा एवं शेड लगाकर दुकान दिया गया था. आज उनकी दुकानो को तोड़ा गया. उन्होंने बताया कि दशकों से उ़नके दुकान की रसीद कटती है. बावजूद रोजगार का एक मात्र साधन छिन लिया गया. यह कहां का न्याय है ? ना ही कभी कोई नोटिस अथवा मौखिक सूचना इससे संबंधित दी गई. उधर विधायक सरयू राय को पूरी घटना क्रम से अवगत कराया गया है. उन्होंने आश्वस्त किया है कि यदि कोई चूक हुआ भी होगा तो फिर से दुकान बनाकर दिया जाएगा. वे स्वयं मुआयना करेंगे.
अनुमंडल कार्यालय से जारी हुआ अनोखा आदेश !
अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश पत्र पर ही सवाल उठाये गये है. इसके तहत पत्र में उल्लेख है कि अंचल अधिकारी जमशेदपुर के पत्रांक 1910 , दिनांक 19.12.2024 के माध्यम से बीपीएलआई / जेपीएलआई के सन्निहित भूमि पर पारित आदेश के आलोक में विभिन्न अतिक्रमणकारियों को हटाने हेतु पत्र प्राप्त हुआ है. जिसके आलोक में उक्त अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है. हालांकि उक्त पत्र में मानवीय भूलवश 19.12 .2024 उल्लेखित है जिस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. वर्तमान में पांचवा महीने की जगह 12 वां महीने का उल्लेख होने से अथवा वर्ष का गलत उल्लेख होने से तरह – तरह की चर्चा की जा रही है.
कथित अतिक्रमण मुक्त भूखंड पर है एक दबंग की गिद्ध दृष्टि
सूत्रों ने बताया कि कथित अतिक्रमण हटाने के बाद उक्त भूखंड़ पर पास के ही एक दबंग व्यक्ति की लालची नजर है. गलत ढंग से सुनील चौधरी की दुकान को तोड़ने के बाद उक्त खाली भूखंड़ को रातों रात टीन के शेड से घेर लिया गया. जिस पर तरह – तरह सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

विज्ञापन
Brajesh

लेखक के बारे में

By Brajesh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola