Gurmeet Ram Rahim: 'बिना पूछे राम रहीम को पैरोल न दी जाए', हाईकोर्ट का हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 01 Mar 2024 10:24 AM
Gurmeet Ram Rahim/ file photo
Gurmeet Ram Rahim: कोर्ट ने हरियाणा सरकार को एक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया कि ऐसे आपराधिक इतिहास वाले और तीन मामलों में सजा पाने वाले कितने लोगों को यह लाभ दिया गया है.
Gurmeet Ram Rahim:डेरा सच्च सौदा गुरमीत राम रहीम सिंह के पैरोल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को कोर्ट की अनुमति के बिना पैरोल न दी जाए. कोर्ट ने राम रहीम को पैरोल की अवधी समाप्त होने के साथ ही सरेंडर करने की आदेश दिया.
हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट ने पैरोल पर मांगा जवाब
कोर्ट ने हरियाणा सरकार को एक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया कि ऐसे आपराधिक इतिहास वाले और तीन मामलों में सजा पाने वाले कितने लोगों को यह लाभ दिया गया है. कोर्ट ने अगले सुनवाई तक पूरी जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है. दरअसल राम रहीम के पैरोल को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की.
Gurmeet Ram Rahim: 10 मार्च को राम रहीम का खत्म हो रहा पैरोल
मालूम हो डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का पैरोल 10 मार्च को समाप्त हो रहा है. पिछले 4 साल में राम रहीम को नौ बार पैरोल मिल चुका है. एसजीपीसी ने अपनी याचिका में मांग की है कि राम रहीम को सरकार लगातार पैरोल दे रही है जिसे रद्द किया जाए. मालूम हो राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद पहली बार अक्टबूर 2020 में पैरोल मिली थी. उसके बाद मई 2021, फरवरी 2022, जून 2022, अक्टूबर 2022, जनवरी 2023, जुलाई 2023, नवंबर 2023 और जनवरी 2024 में पैरोल दी गई.
राम रहीम पर क्या है मामला
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम महिला अनुयायियों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था और 2017 में उसे 20 साल की सजा सुनाई गई है. जबकि 2019 में अपने कर्मचारी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










