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Mahila Samriddhi Yojana: महिला समृद्धि योजना की राशि में देरी क्यों? जानिए पूरी वजह

Updated at : 09 Mar 2025 11:57 AM (IST)
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Mahila Samriddhi Yojana

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Mahila Samriddhi Yojana: आइए जानते हैं महिला समृद्धि योजना की राशि में देरी क्यों हो रही है?

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Mahila Samriddhi Yojana: दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए भाजपा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘महिला समृद्धि योजना’ को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत हर महीने पात्र महिलाओं को 2500 रुपये दिए जाएंगे. सचिवालय में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है.

हालांकि, यह योजना दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए नहीं है. भाजपा के संकल्प पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यह आर्थिक सहायता केवल गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए होगी. दिल्ली में लगभग 72 लाख महिला वोटर हैं, लेकिन सभी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी. सरकार को पहले यह तय करना होगा कि किन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. इसके लिए पात्रता और शर्तों को निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में चार मंत्रियों की एक कमिटी का गठन किया गया है.

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सूत्रों के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना के लिए जो पात्रता और शर्तें तय की थीं, उन पर सरकार सहमत नहीं थी. इसके चलते अब नई शर्तें तैयार की जा रही हैं. योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण एक पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा. इस पोर्टल पर महिलाएं रजिस्ट्रेशन कर पाएंगी और उनके आवेदन स्वीकार होने के बाद उनके खाते में पैसा जमा किया जाएगा. नियम और शर्तें तय करने तथा पोर्टल के निर्माण में लगभग 15-20 दिन का समय लग सकता है. अनुमान है कि अगले महीने से इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं को मिलना शुरू हो सकता है.

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्डधारक महिलाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है. यदि बीपीएल कार्ड को आधार बनाया जाता है, तो दिल्ली की लगभग 17-18 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सकता है.

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि ‘महिला समृद्धि योजना’ का उद्देश्य दिल्ली की गरीब महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उनके सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा. इसके लिए आधार आधारित ई-केवाईसी सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा ताकि केवल पात्र महिलाओं को ही लाभ मिले. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए एक मजबूत डिजिटल भुगतान तंत्र लागू किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और लाभार्थियों के लिए सहज हो सके.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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